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एडीआर की  चुनाव आयोग से शिकायत, सात राष्ट्रीय दलों ने आपराधिक बैकग्राउंड के उम्मीदवारों की जानकारी सार्वजानिक नहीं की

देश के सात राष्ट्रीय राजनीतिक दलों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसारअपने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों से जुड़ी जानकारी सार्वजानिक नहीं की है.

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NewDelhi :  देश के सात राष्ट्रीय राजनीतिक दलों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसारअपने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों से जुड़ी जानकारी सार्वजानिक नहीं की है. यह शिकायत देश के चुनाव पर नजर रखने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी एडीआर ने  चुनाव आयोग से की है. खबरों के अनुसार नौ अप्रैल को पत्र लिखकर चुनाव आयोग से  शिकायत की गयी है. पत्र में कहा गया है कि पहले चरण के मतदान से पहले सात राष्ट्रीय राजनीतिक दलों ने  आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों से जुड़ी जानकारी सार्वजानिक नहीं की.  एडीआर के अनुसार पहले चरण में 213 (17 %) उम्मीदवार आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं.

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एडीआर ने चुनाव आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है

संस्था द्वारा कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितम्बर, 2018 को राजनीतिक दलों को निर्देश दिया था कि उनके उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी सार्वजानिक करना अनिवार्य है. चुनाव आयोग ने 10 अक्टूबर, 2018 को सभी राज्यों को प्रमुख चुनाव अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का पालन करने को कहा था.  9 अप्रैल की शाम तक सिर्फ भाजपा की तेलंगाना इकाई ने अपनी वेबसाइट पर अपने 30 में से आठ अपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की जानकारी दी, लेकिन कांग्रेस, बसपा, एनसीपी, सीपीआई, सीपीआई (एम) ने अपने अपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की जानकारी जारी नहीं की.

बता दें कि आयोग ने 29 मार्च से नौ अप्रैल के बीच फेज एक के चुनाव के लिए तीन अलग-अलग दिन आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी सार्वजनिक करने का आदेश दिया था. एडीआर ने चुनाव आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है.   लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान जारी है.  आज पहले चरण की वोटिंग में 20 राज्यों की 91 सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. 91 लोकसभा सीटों पर कुल 1279 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.

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