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मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मामला: सांसद संजय सेठ करेंगे केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन से राहत की अपील

Ranchi: राज्य के तीन नये मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन को लेकर संकट की स्थिति है. हजारीबाग, दुमका औऱ पलामू के मेडिकल कॉलेजों में नये सत्र में एडमिशन नहीं होने के कारण स्टूडेंट्स निराश हैं. नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की ओर से इन नये मेडिकल कॉलेजों की खामियों को दूर करने का काम अब तक पूरा नहीं किया गया है.

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (रांची ब्रांच) ने कॉलेजों में एडमिशन मामले में पहल करने की अपील सांसद संजय सेठ और केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन से की है.

अब संजय सेठ बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन से मुलाकात करेंगे. मंत्री से तीनों नये मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिये कोई विकल्प बनाने का अनुरोध किया जायेगा.

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300 डॉक्टरों का नुकसान : सांसद

संजय सेठ के अनुसार तीन मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया का बाधित होना अच्छा नहीं है. एडमिशन जारी रहने से राज्य को हर साल 300 डॉक्टर मिलेंगे. राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए डॉक्टरों की कमियों को दूर करना बहुत जरूरी है.

ऐसे में अगर मेडिकल कॉलेजों में नामांकन का कार्य बाधित होता है तो इससे झारखंड का ही अहित होगा. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री से मिलकर इस संबंध में कोई आदर्श व्यवस्था बनाये जाने का प्रयास किया जायेगा.

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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही

गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से राज्य के तीन नये मेडिकल कॉलेजों में दाखिले से राज्य के छात्र वंचित रह गये हैं. साल 2020-21 में राज्य के कुल 880 सीटों में एडमिशन होना था पर मात्र 580 सीटों में ही एडमिशन हुआ है.

नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की ओर से नये मेडिकल कॉलेजों की खामियों को दूर करने को कहा गया है. इसे ठीक करने में राज्य सरकार के स्तर से गंभीरता नहीं दिखायी है. पिछले साल एनएमसी ने एकेडमिक ईयर 2020-21 में एडमिशन नहीं लेने की बात कही थी.

उसने तीनों मेडिकल कॉलेजों में व्यवस्था की कमी और शिक्षकों की कमी सहित अन्य खामियां बताते हुए एडमिशन पर रोक लगायी थी. 15 अक्तूबर 2020 को एनएमसी के सचिव डॉ आरके वत्स ने वर्ष 2020-21 से एमबीबीएस में नये एडमिशन पर रोक लगा दी थी.

विभागीय लापरवाही के कारण एनएमसी की ओर से अक्टूबर में रोक लगाये जाने के बाद से अब तक एक विभाग एक चिट्ठी लिखकर अप्रूवल आने का इंतजार कर रहा है.

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