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आदिवासी अस्तित्व बचाओ महारैली पर जिला प्रशासन ने लगायी रोक, आयोजक बोले सरकार आदिवासी आवाज दबाना चाहती है

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Ranchi:  जय आदिवासी युवा शक्ति को ओर से आदिवासी आधिकारो को लेकर होने वाली रैली पर अनुमंडल पदाधिकारी रांची की ओर से रोक लगा दी गयी है. वहीं आमसभा को लेकर जयस कार्यकता राज्य के विभिन्न जिलों से रांची पहुच चुके थे.

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सभा स्थाल पर कार्यक्रम रद्द करने का आदेश आयोजकों को सौपा गया. आयोजन स्थल पर पुलिस बल के द्वारा लाउडस्पीकर को बंद कर दिया गया. इसके बाद भी सामाजिक विषय पर चर्चा के लिए दूर से आये कार्यकता बिना ध्वनि यंत्र के ही आदिवासी समाज के मुद्दों पर विमर्श जारी रखा.

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क्या कहते हैं आदिवासी समाज के लोग

सभा स्थल पर मौजूद सरना प्रार्थना सभा के वीरेंद्र भगत कहते हैं, सत्ताधारी दल की साजिश के तहत आदिवासियों को एकजुट नहीं होने दिया जा रहा है. इस सभा में आदिवासी अधिकारों को लेकर बात की जानी थी.

आदिवासी अब अपने अधिकार को लेकर सजग होने लगे हैं. इसे रोकने के लिए प्रशासन की आड़ में विधि व्यवस्था भंग होने के नाम पर आदिवासियों की आवाज को दबाने का काम सत्ताधारी पार्टी कर रही है.

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राज्य सरकार आदिवासी विरोधी है

जयश प्रभारी संजय पहान कहते हैं, राज्य सरकार आदिवासी विरोधी है. झारखंड में आदिवासियों के संवैधानिक अधिकार का हनन किया जा रहा है.

आदिवासी समुदाय के द्वारा कुर्मी तेली को आदिवासी में शामिल करने की साजिश का विरोध एवं राज्य में पांचवीं अनुसूची का पालन, सरना धर्म कोड की मांग, समता जजमेंट लागू करने की वकालत के साथ-साथ राजनीतिक दल अपने मेनिफेस्टो में आदिवासी विषय शामिल करने आदि मुद्दों को लेकर गैर राजनीतिक सभा का आयोजन किया गया था.

इसे बलपूर्वक प्रशासन ने रोक दिया. क्या राज्य में आदिवासी अपने अधिकार को लेकर सभा भी नही कर सकते. सभा में संथाल परगना, कोलहान, रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग से आदिवासी समाज लोग शामिल होने वाले थे.

रैली और सभा को लेकर क्या पत्रचार हुआ

जयस की ओर से रैली और सभा करने के संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी को 6 मार्च 2019 को सूचना दी गयी थी. इसमें लिखा गया था कि 25 मार्च को हरमू मैदान में सरहुल मिलन समारोह एवं आदिवासी समुदाय के जन मुद्दे पर चर्चा की जायेगी.

इस संबंध में आदिवासी अस्तित्व बचाओ महारैली का आयोजन किया जायेगा.  प्रशासन को विधिवत सूचना देने के बाद 23 मार्च को जयेश प्रभारी संजय पाहन को अनुमंडल पदाधिकारी रांची के द्वारा सशर्त अनुमति सभा करने, जिसमें जुलूस रैली नहीं करने की बात कही गयी थी.

इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा 24 मार्च को पत्र जारी कर सभा रद्द करने की बात कही जाती है. और इस पत्र को 25 मार्च को 11 बजे जब कार्यक्रम सुरू होने से कुछ पहले आयोजकों को सौंपा दिया जाता है.

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कार्यक्रम को रद्द करने के लिए प्रशासन ने क्या बनाया है आधार

पत्र में अंचलाधिकारी और आरगोड़ा थाना प्रभारी के प्रतिवेदन को आधार बनाते हुए लिखा गया है कि आचार संहिता का उल्लंघन एवं विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की संभावना देखते हुए, साथ ही शांति व्यवस्था और विधि व्यवस्था भंग होने की संभावना है, इन सबको देखते हुए कार्यक्रम को दी गयी सशर्त अनुमति को रद्द किया जाता है.

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