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ओवरलोड बसों पर नकेल कसने में प्रशासन नाकाम

रांची से छूटने वाली बसों पर सफर किया तो जा सकती है आपकी जान

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Ranchi: अगर आप रांची से खुलने वाली यात्री बसों में सफर करते हैं तो आपकी जान जा सकती है. यात्री बसों में जिस तरह सीट से ज्यादा पैसेंजर्स के अलावा छतों पर सामान ढोये जा रहे हैं, इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता है. इतना ही नहीं, यात्री बसों में बड़े पैमाने में सामान ढोने से सरकार को राजस्व का नुकसान भी हो रहा है.

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बसों में सवारियों से ज्यादा समान

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रांची से पटना, भागलपुर, पूर्णिया, कोलकाता आदि शहरों के लिए स्लीपर कोच बसें चलती हैं. इन बसों में सवारियों से अधिक लगेज भरा जाता है. बसों में यह लगेज न केवल अंदर बल्कि बसों की छत पर भी लाद दिया जाता है, जिससे इन बसों की ऊंचाई और भी अधिक हो जाती है. खास बात यह है कि सभी बसें तेज रफ्तार में चलती हैं. ऐसी हालत में यह बसें ऊंचाई अधिक होने के कारण कभी भी हादसे की शिकार हो सकती हैं. इस प्रकार बस संचालकों द्वारा ज्‍यादा मुनाफा के लिए न सिर्फ यात्रियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है, बल्कि परिवहन विभाग को भी लाखों रुपए के टैक्स का चूना लगाया जा रहा है.

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200 बसें खुलती हैं रांची से

राजधानी रांची से करीब 200 बसों का प्रतिदिन संचालन होता है. जिनमें दो हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं. रांची में जगह-जगह से खुल रहीं अधिकतर बसों में कोई सुविधा नहीं है. यहां तक कि कई बसों में इमरजेंसी विंडो भी नहीं है. पहले भी बसों में कई बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन बस संचालक इससे सबक लेने को तैयार नहीं हैं और अपनी मनमानी पर उतारू हैं.

नियम को ताक पर रख कर की जा रही है ओवरलोडिंग

नियम के अनुसार, बसों में लगेज ले जाने का प्रावधान सिर्फ यात्रियों के लिए ही है, वह भी निर्धारित है. लेकिन बस संचालकों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर निर्धारित सीमा से अधिक लगेज क्विंटल में ढोया जा रहा है. बस संचालकों के द्वारा यात्रियों के अलावा व्‍यवसायिक सामान भी धड़ल्ले से ढोये जा रहे हैं.

व्‍यवसायिक सामान ढोने की लगातार मिल रही शिकायतें

रांची जिला के डीटीओ का कहना है कि यात्री बसों में व्‍यवसायिक सामान ढोने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं. पहले भी कई मौकों पर बस संचालकों को ओवरलोडिंग और अवैध लोडिंग से बचने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन बस संचालक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं. जल्द ही बसों की चेकिंग अभियान चलाया जाएगा.

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