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बंधु तिर्की की गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी सेना ने निकाला आक्रोश मार्च, सीएम का पुतला फूंका

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Ranchi : एसीबी द्वारा बंधु तिर्की की गिरफ्तारी के विरोध में केंद्रीय आदिवासी सेना ने शनिवार को आक्रोश मार्च निकाला और मुख्यमंत्री रघुवर दास का पुतला फूंका.

सेना ने शास्त्री चौक से पिस्का मोड तक जुलूस निकाला और सरकार विरोधी नारेबाजी की. आक्रोश मार्च के अंत में सीएम रधुवर दास का पुतला फूंका.

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चुनाव से घबराकर बिना वारंट गिरफ्तार करवाया

आक्रोश मार्च को संबोधित करते हुए केन्द्रीय आदिवासी सेना के अध्यक्ष शिवा कच्छप ने कहा कि सरकार ने विधानसभा चुनाव से घबराकर बंधु तिर्की को बिना वारंट के गिरफ्तार करवाया. बंधु तिर्की आदिवासियों की अवाज हैं. उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि बंधु तिर्की के साथ झारखंड के तमाम आदिवासी मूलवासी हैं. सरकार की गैरकानूनी हरकत को लेकर राज्य में उबल रहा आक्रोश विधानसभा चुनाव में भी दिखेगा.

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आदिवासी-मूलवासियों के अधिकार की आवाज उठाने वालों को एसीबी कर रही परेशान

आक्रोश मार्च में शामिल आदिवासी सेना के नेताओं ने कहा, ‘बंधु तिर्की की एसीबी द्वारा गिरफ्तारी सरकार की साजिश है. जिस मामले में सीबीआइ ने पहले ही क्लीन चिट दी है उसके वावजूद बंधु तिर्की को परेशान किया जा रहा है. सरकार आदिवासी विरोधी काम कर रही है, आदिवासियों के साथ भेदभाव कर रही है.

विधान सभा चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश है. जो भी आदिवासी हित में आवाज उठा रहा है, सरकार उसे जेल भेज रही है. यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है.

राजनीति से प्रेरित कार्रवाई

बंधु तिर्की की गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है. हमें न्यायालय के ऊपर पूरा विश्वास है कि बंधु तिर्की को न्याय जरूर मिलेगा.

इस कार्यक्रम मुख्य रूप से सती तिर्की,  प्रिया तिर्की,  अनिमा खड़िया, विजय मुंडा, नूरी तिर्की, सोनी खलखो, शोभा तिर्की, सिम्पी कुजूर, पूजा मुंडा, मुस्कान मुंडा, फुलमनी खलखो, मुन्नी खलखो शामिल रही.’

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