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केंद्रीय आदिवासी मोर्चा के पदाधिकारियों ने दुष्कर्म पीड़िता का हाल जाना, कहा- बेहतर इलाज कराये सरकार

Ranchi: लातेहार की दुष्कर्म पीड़िता सुनीता देवी (बदला हुआ नाम) का हालचल जानने के लिए कई महिला संगठनों के साथ-साथ केंद्रीय आदिवासी मोर्चा के पदाधिकारी भी रिम्स पहुंचे. रिम्स में पीड़िता की हालत देख सरकार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर की. सदस्यों ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता बिस्तर पर पड़ी हुई है, लेकिन राज्य सरकार पीड़िता को बेहतर उपचार अब तक उपल्बध नहीं करा सकी है. सरकार ने रिम्स से लातेहार और फिर लातेहार से रिम्स भेज कर सरकार अपना दायित्व खत्म समझ रही है. आखिर क्या वजह है जो पीड़िता का बेहतर उपचार नहीं किया जा रहा है.

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अजय टोप्पो ने कहा कि दुष्कर्म की घटना के बाद सुनीता को लातेहार सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसके बाद बेहतर उपचार के लिए राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स रेफर कर दिया गया. दो माह तक रिम्स में बिना ठीक हुए भेजा जाना प्रशासन का पीड़ितों के प्रति व्यवहार को दिखता है.

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बेहतर इलाज की व्यवस्था करे सरकार

केंद्रीय आदिवासी मोर्चा के अध्यक्ष कुलदीप तिर्की ने कहा इस तरह की घटना आज किसी दूसरे समुदाय के साथ होती तो आज पूरे भारत वर्ष में हलचल मची होती, लेकिन ये एक आदिवासी महिला के साथ हुआ है, तो सरकार और प्रशासन दोनों ने चुप्पी साध रखी है. मोर्चा की ओर सरकार से मांग की गयी की सरकार पीड़िता की बेहतर इलाज की व्यवस्था करे. साथ ही पीड़िता के परिजनों की ओर से इलाज में जो भी खर्च हुआ सरकार उसकी भरपाई करे. मोर्चा की ओर से पीड़िता को 30 लाख सहयोग राशि देने की मांग की गयी. रिम्स में पीड़िता का हालचाल लेने वालों में अलबिन लकड़ा, विकास तिर्की, राम कुमार नायक, शिबू लोहरा भी शामिल थे.

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