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ADG डुंगडुंग उतरे SP महथा के बचाव में, DGP को पत्र लिख कहा वायरल सीडी से पुलिस की हो रही बदनामी, करायें जांच

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Ranchi: पत्रकार और पलामू एसपी इंद्रजीत महथा के बीच हुई बातचीत वायरल होने के बाद अब गृह विभाग हरकत में है. विभाग ने एसपी इंद्रजीत को मामले को लेकर शो-कॉज किया है. शो-कॉज करने के बाद एडीजी रेजी डुंगडुंग पूरी तरह से एसपी इंद्रजीत महथा के साथ खड़े होते नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि उन्होंने इस ऑडियो क्लिप को काफी बारीकी से सुना है. सुनने के बाद उन्हें लगता है कि झारखंड पुलिस को बदनाम करने के मकसद से ऐसा किया जा रहा है.

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मामले को लेकर उन्होंने डीजीपी डीके पांडे को एक खत लिखा है. उन्होंने अपनी बात रखते हुए पत्र के माध्यम से डीजीपी से कहा है कि मामले को लेकर आईजी रेंज के किसी अधिकारी से जांच की जाए. ताकि सच सामने आए. उन्होंने यह भी कहा है कि एसपी इंद्रजीत महथा को ऑडियो के जरिए फंसाने की कोशिश की जा रही है.

ऑडियो क्लिप से षडयंत्र की बूः डुंगडुंग

पिछले कुछ महीनों से वरीय पुलिस पदाधिकारियों विशेषकर आईपीएस पदाधिकारियों और अन्य के बीच व्हाट्सएप पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ है. इस ऑडियो क्लिप में कई आईपीएस पदाधिकारियों के विरुद्ध टिप्पणी की गई है. जाति आधार पर दो लोगों के बीच बातचीत हुई है. मैंने इस संबंध में फोन पर आईपीएस इंद्रजीत महथा से बात की. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि एक ऑडियो क्लिप वायरल किया गया है. जिसमें उन्हें बदनाम किया जा रहा है. यह फेक ऑडियो क्लिप है. इस पर विश्वास नहीं किया जाए. उनसे बातचीत के क्रम में यह एहसास हुआ कि वह इस ऑडियो क्लिप को लेकर बहुत ही दुखी है. क्योंकि इसमें उनका नाम घसीटा जा रहा है.

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कहा जा रहा है कि धनबाद के एक पत्रकार से बातचीत हो रही है. इस पर मैंने उन्हें आश्वस्त किया है कि इस प्रकार की झूठी चीजों से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. साथ ही मैंने यह भी कहा कि मैं इस प्रकार के ऑडियो क्लिप से प्रभावित नहीं होने वाला. इंद्रजीत महथा एक कर्तव्यनिष्ठ ईमानदार और अच्छे पदाधिकारी हैं. इनकी इंटीग्रिटी सभी मामलों में सही है. ऐसे आईपीएस पदाधिकारी को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है. इससे एक बड़ी षड़यंत्र की बू आती है. एसपी पलामू से फोन पर हुई बातचीत के बाद मैंने फिर से ऑडियो क्लिप को सुना. इस ऑडियो क्लिप में बहुत ही आपत्तिजनक बातें कही गई हैं.

एडीजी ने डीजीपी को बताए महत्वपूर्ण बिंदू

ऑडियो क्लिप में दो लोगों के बीच पूरी बातें जाति आधार पर हो रही है. वह लोग स्वजातीय आईपीएस पदाधिकारी की बात कर रहे हैं और दूसरे जाति के आईपीएस के संबंध में गलत बातें कह रहे हैं.

1) बातचीत के क्रम में उनके द्वारा आरक्षित श्रेणी से आने वाले आईपीएस पदाधिकारी के लिए नकारात्मक बातें कही गई है. यह स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े वर्ग के आईपीएस पदाधिकारियों के लिए सारी बातें कही गई हैं. बातचीत के क्रम में यह कहा गया है कि लोग 700-800 रैंक लाकर भी अफसर बन जाते हैं. इससे यह साफ होता है कि आरक्षित श्रेणी से चयनित आईपीएस पदाधिकारियों के लिए ही बातें हो रही हैं.

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2) कुछ आईपीएस पदाधिकारियों के नाम लेकर यह कहा गया है कि यह लोग पैसा कमाते हैं. यह भी कहा गया कि ऐसे ही लोगों को जिला में पदस्थापित किया जा रहा है. एक तरह से सरकार के द्वारा किए गए पस्थापना पर दोनों बातचीत के क्रम में नकारात्मक टिप्पणी कर रहे हैं.
3) इस ऑडियो क्लिप में बातचीत के क्रम में आईपीएस अनिल पालटा अपर पुलिस महानिदेशक झारखंड रांची का भी नाम लिया गया है. टिप्पणी की गई है. बातचीत के क्रम में सेवानिवृत्त पुलिस महा निरीक्षक हेमंत टोप्पो का भी नाम लिया गया है.

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4) ऑडियो क्लिप के बातचीत के क्रम में वो लोग मेरा भी नाम ले रहे हैं. वह यह कह रहे हैं कि अभी मेरी पदस्थापना अभियोजन कोषांग में है. यह उल्लेखनीय है कि मैं भी अनुसूचित जनजाति वर्ग से आता हूं. आरक्षित श्रेणी से आता हूं. ऑडियो क्लिपिंग में जिस प्रकार की टिप्पणी आरक्षित वर्ग के पदाधिकारियों के विरुद्ध की गई है इससे मैं काफी आहत हूं.

5) सबसे महत्वपूर्ण यह है कि बातचीत के क्रम में उन लोगों ने सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक जीएस रथ के लिए भी अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया है.

6) दोनों के बीच बातचीत से ऐसा लगता है कि बात करने वाला एक व्यक्ति संभवत पत्रकार हो. क्योंकि उस व्यक्ति ने दैनिक अखबारों में रिपोर्टिंग करने का भी जिक्र किया गया है.

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साजिश के तहत तैयार किया है ऑडियो

डीजीपी को लिखे खत में एडीजी डुंगडुंग ने स्पष्ट किया है कि एक बड़ी साजिश के तहत इस प्रकार के फेक ऑडियो क्लिप को तैयार किया गया है. साथ ही कहा कि इस ऑडियो क्लिपिंग से झारखंड पुलिस को जाति आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है. कुछ आईपीएस पदाधिकारियों के संबंध में झूठी बातें फैला कर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है. सबसे महत्वपूर्ण है कि एसपी इंद्रजीत महथा पुलिस अधीक्षक पलामू जो कि एक ईमानदार पदाधिकारी, गरीब तबके एवं आदिवासियों के पक्ष में काम करते रहे हैं, उनका नाम इसमें घसीटने का प्रयास किया गया है.

बातचीत के क्रम में दोनों लोगों ने संवैधानिक प्रावधानों के तहत चयनित आरक्षित वर्ग के पदाधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल टिप्पणियां की है. यह एक मानसिकता को दर्शाता है. यह झारखंड राज्य के लिए अच्छा नहीं है. क्योंकि यह आदिवासी बहुल दलित एवं पिछड़ी जाति के लोग बड़ी संख्या में हैं. ऐसे में सरकार की नीति के तहत आरक्षण से चयनित हुए पदाधिकारियों पर की गई टिप्पणियां दुखद है.

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आईजी करें जांच

एडीजी ने कहा कि चुकी इस ऑडियो क्लिप में मेरे नाम का भी जिक्र है और मेरे नाम को लेकर भी टिप्पणी की गई है. अतः यह मेरा अनुरोध है कि तत्काल तकनीकी तौर पर सक्षम पुलिस महा निरीक्षक स्तर से इसकी जांच हो. जांच हो कि ऑडियो क्लिपिंग बनाने का साजिशकर्ता कौन है. क्योंकि साजिशकर्ताओं ने पूरे पुलिस विभाग को प्रभावित करने का प्रयास किया है. आईपीएस पदाधिकारियों को बदनाम करने का प्रयास किया गया है.

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