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अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल को नहीं मिला वीआरएस, सेवा में बने रहेंगे

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  • दो बार खंडेलवाल ने वीआरएस का दिया था आवेदन, दोनों बार हुआ रिजेक्ट
  • 22 दिसंबर को न्यूज विंग ने खंडेलवाल के सेवा में बने रहने की खबर चलायी थी
  • सेवा में बने रहने का आदेश झारखंड की ब्यूरोक्रेसी में पहला मामला
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Ranchi: सरकार ने राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की कमी को देखते हुए कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन को स्वीकार नहीं किया. कार्मिक विभाग ने सोमवार को इसका आदेश जारी कर दिया. पिछले साल भी खंडेलवाल ने वीआरएस का आवेदन दिया था, जिसे सरकार ने रिजेक्ट कर दिया था.

खंडेलवाल 26 तक हैं छुट्टी पर

फिलहाल कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल 22 से 26 दिसंबर तक छुट्टी पर हैं. उनकी जगह राज्यपाल के प्रधान सचिव सत्येंद्र सिंह को कार्मिक विभाग के सचिव का प्रभार दिया गया है. 1988 बैच के श्री खंडेलवाल ने छह जून 2018 को वीआरएस के लिए आवेदन दिया था. मुख्यमंत्री ने अगस्त 2018 के अंतिम सप्ताह में 31 दिसंबर 2018 की तिथि से वीआरएस की स्वीकृति दी थी. सीएम ने यह आदेश विदेश जाने से पहले दिया था. इसके पीछे वजह थी कि अगर तीन माह के अंदर वीआरएस के आवेदन पर निर्णय नहीं लिया जाता तो उनका वीआरएस स्वत: हो जाता

क्यों बनी थी वीआरएस पर संशय की स्थिति

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सीएम के आदेश के लगभग चार माह बाद भी वीआरएस का आदेश जारी नहीं हो पाने के कारण संशय की स्थिति बनी हुई थी. ब्यूरोक्रेसी में चर्चा यह भी थी कि आदेश तभी जारी होगा जब खंडेलवाल चाहेंगे. क्योंकि खंडेलवाल कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव भी हैं. वहीं ऑल इंडिया सर्विस रूल के मुताबिक, वीआरएस के एक दिन पहले भी अगर खंडेलवाल सेवा जारी रखने का आवेदन देते हैं तो उनकी सेवा बनी रहेगी.

और चार साल की बची है सेवा

1988 बैच के आइएएस अफसर केके खंडेलवाल की सेवा अभी चार साल बची हुई है. खंडेलवाल के रिटायरमेंट की तिथि 31 जुलाई 2022 है. इससे पहले वीआरएस लेनेवाले अफसरों में मुनीला, विमल कीर्ति सिंह, संत कुमार वर्मा, जेबी तुबिद और वीके चौहान के नाम शामिल हैं.

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