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कक्षा एक से 8वीं तक के सिलेबस में डायन कुप्रथा के प्रति जागरुकता को लेकर चैप्टर जोड़ना काफी सहायक

Ranchi : ग्रामीण विकास विभाग सचिव मनीष रंजन ने कहा कि झारखंड को डायन हत्या एवं डायन कुप्रथा से मुक्त करने के लिए झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा चलायी जा रही गरिमा परियोजना काफी महत्वपूर्ण योगदान कर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के स्कूलों में कक्षा 1 से 8 के बच्चों के पाठ्यक्रम में इस कुप्रथा से जागरूक करने के लिए एक अध्याय जोड़ना काफी सहायक होगा. वह शुक्रवार को गरिमा परियोजना के प्रथम राज्य स्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक में उपस्थित एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से जुड़े विभिन्न विभाग के पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि गरिमा परियोजना सब के सम्मिलित सहयोग से ही जमीनी स्तर पर कार्य कर सकेगा. डायन हत्या एवं डायन कुप्रथा का उनमुलन कानून और जागरुकता दोनों के साझा प्रयास से ही संभव है. डायन हत्या से संबंधित मामलों में मुख्यता आपसी रंजिश, ओझा गुनी जैसी बातें सामने आती रही हैं.

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जमीन हथियाने के लिए भी इसका कई मामलों में इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने कहा कि हमें राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं को समानता और अधिकार दिलाना है जो एक विकसित समाज में मिलती है. उन्होंने कहा कि मुंबई में भी इस तरह की परियोजना पर कार्य हुआ है और वहां से इस कुप्रथा का उन्मूलन हुआ.

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राज्य में भी कमोबेश वैसी ही परिस्थितियां हैं, लेकिन यहां भाषाई असमानताएं होने के कारण काफी दिक्कत आती रहीं हैं. उन्होंने कहा कि आम लोग समाचार पत्रों में ही इस तरह की खबरों से रूबरू होते हैं, लेकिन हमारे यहां जो फील्ड वर्कर हैं इस तरह की घटनाओं से खुद ही रूबरू होते हैं, जो बहुत ही मार्मिक होते हैं.

झारखंड राज्य आजीविकी संवर्धन सोसायटी की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नैन्सी सहाय ने कहा कि गरिमा परियोजना अप्रैल 2020 से शुरू की गयी थी. इसका लक्ष्य मार्च 2023 तक राज्य से पूर्णता डायन कुप्रथा का उन्मूलन करना है.

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उन्होंने कहा कि कोविड-19 के चलते इस परियोजना में काफी दिकक्कतें आयीं, परंतु हमारे द्वरा जमीनी स्तर पर कई जागरुकता अभियान भी चलाये गये.

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत नुक्कड़ नाटक, सिचुएशन ड्रामा, रियल टाइम थिएटर, स्लोगन राइटिंग, रैली, वॉल राइटिंग, पब्लिक लर्निंग, टेकिंग ओथ अगेंस्ट विच हंटींग आदि कई कार्यक्रमों के जरिये लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है.

इसके साथ ही उन्होंने सभी विभागों के रोल और रिस्पांसिबिलिटीज को बताया जिससे इस परियोजना का लोगों को अधिक से अधिक लाभ पहुंच सके.

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सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय के निदेशक शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा जेएसएलपीएस के साथ मिलकर आईईसी एक्टिविटी करके आम लोगों तक इसके लिए जागरूकता फैलाने का कार्य किया जा रहा है. साथ ही ग्रीवांस रजिस्ट्रेशन और उनके ससमय निरारकरण पर भी विभाग कार्य कर रही है.

इस अवसर पर विभिन्न विभाग से आये उनके प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे साथ ही इस क्षेत्र में कार्य कर रहे विभिन्न एनजीओ द्वारा भी अपने मंतव्य रखे गये.

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