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आयुष्मान भारत योजना से प्रबुद्ध समाजसेवी वर्ग को भी जोड़ें : महेश पोद्दार

मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, कॉल सेंटर चालू करने का भी किया आग्रह

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Ranchi : झारखंड से राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को पत्र लिखकर आयुष्मान भारत योजना के सफल क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण में गैर सरकारी तंत्र की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. पत्र की प्रतिलिपि स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी एवं स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी को भी भेजी गयी है.

सांसद ने खुद भी बनाया है एक समूह

पत्र में महेश पोद्दार ने कहा है कि सभी आशंकाओं एवं चिंताओं को निर्मूल साबित करते हुए ‘आयुष्मान भारत’ देश भर में सफलतापूर्वक क्रियान्वित हो रहा है और लाखों लोग इसका लाभ उठा रहे हैं. इस आरोग्य परियोजना को समाज ने पूर्णतः सरकारी योजना मानने की बजाय समुदाय की योजना माना है और इसीलिए समाज का जागरूक– प्रबुद्ध– समाजसेवी तबका इसकी सफलता के लिए आगे बढ़कर सहयोग को इच्छुक है. महेश पोद्दार ने स्वयं भी समाजसेवी, बुद्धीजीवी मित्रों का सहयोग लेकर एक समूह बनाया है, जो निरंतर विभागीय अधिकारियों से योजना के प्रावधानों की जानकारियां जुटाकर जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध करा रहा है, लोगों को इस आरोग्य परियोजना के प्रति जागरूक कर रहा है.

जनजागरूकता और जनभागीदारी मूल आवश्यकता

महेश पोद्दार ने पत्र में लिखा है- राज्य की आबादी एवं आयुष्मान भारत योजना से आच्छादित परिवारों की संख्या को देखते हुए अब तक आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठा चुके लोगों की संख्या अत्यंत कम है और यह चिंतित करती है. संभव है कि लोगों में जागरूकता की कमी, क्रियान्वयन में लगी टीम का कतिपय प्रावधानों को लेकर असमंजस, अस्पताल प्रबंधनों द्वारा परियोजना के क्रियान्वयन में कम रुचि अथवा कतिपय जटिलताओं के कारण हम लक्षित समूह तक इस परियोजना का लाभ पूरा-पूरा नहीं पहुंचा पा रहे हैं. मेरा मानना है कि इस महात्वाकांक्षी परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जनजागरूकता और जनभागीदारी मूल आवश्यकता है. इस परियोजना के क्रियान्वयन में संलग्न सरकारी तंत्र के अलावा एक विशेष टीम का गठन इसके लिए श्रेयस्कर होगा. इस विशेष टीम में विभिन्न स्तरों के जनप्रतिनिधि, अस्पतालों के प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं समाज के प्रबुद्ध जन शामिल किये जायें. इस विशेष टीम का कार्यकारी नेतृत्व किसी वरीय सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा जा सकता है. इसके साथ ही, मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र की भांति ही आयुष्मान भारत योजना के लिए भी कॉल सेंटर की स्थापना काफी उपयोगी साबित हो सकती है.  कॉल सेंटर में ऐसे किसी वरीय अधिकारी को अनिवार्यतः प्रतिनियुक्त किया जाये, जिसे आयुष्मान भारत के प्रावधानों की पूरी जानकारी हो और जो आकस्मिक स्थितियों में निर्णय लेने में सक्षम हो.

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