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वकालतनामा एवं शपथ पत्र पर वेलफेयर स्टांप नहीं लगाने पर होगी कार्रवाई

Ranchi : प्रत्येक अधिवक्ता एवं नोटरी पब्लिक को वकालतनामा एवं शपथपत्र पर अब हर हाल में वेलफेयर स्टांप चिपकाना अनिवार्य होगा. ऐसा नहीं करने करने वालों के खिलाफ स्टेट बार काउंसिल कानूनी कार्रवाई करेगी. वेलफेयर स्टांप चिपकाने की अनिवार्यता पर झारखंड स्टेट बार काउंसिल ने राज्य भर के बार एसोसिएशन को पत्र के माध्यम से सूचित किया है.

काउंसिल के पत्र में कहा गया है कि प्रत्येक वकील एवं नोटरी को वकालतनामा एवं शपथपत्र पर 15 रुपये का वेलफेयर स्टांप अनिवार्य रूप से चिपकाना है. बिना वेलफेयर स्टांप लगा शपथपत्र या वकालतनामा को वैध नहीं माना जाएगा.

शिकायत मिलने पर बार काउंसिल सख्त

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झारखंड स्टेट बार काउंसिल को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि राज्य के विभिन्न कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले ज्यादातर अधिवक्ता केस फाइल करने या शपथपत्र में वेलफेयर स्टांप नहीं लगा रहे हैं. इसपर बार काउंसिल ने संज्ञान लेते हुए उक्त दिशा-निर्देश जारी किया है. साथी ही इसका अनुपालन करने को कहा है. सभी एसोसिएशन को इसे लागू कराने का भी निर्देश स्टेट बार काउंसिल की ओर से दिया गया है. काउंसिल की ओर इसे सख्ती के बाद व्यवस्था पर असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

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वेलफेयर स्टांप लगाने पर ही मान्य

जानकारों के मुताबिक, किसी न्यायालय, न्यायाधिकरण या अन्य प्राधिकार द्वारा प्राप्त या दाखिल वकालतनामा अथवा शपथपत्र तब तक वैध नहीं होगा, जब तक कि उसमें वेलफेयर स्टांप लगा नहीं हो.

सभी वकालतनामा एवं शपथपत्रों पर वेलफेयर स्टांप चिपकाया गया है या नहीं, इसकी सुनिश्चितता सभी बार एसोसिएशन के निर्वाचित पदाधिकारियों को कराना है. साथ ही एसोसिएशन को पांच सदस्यीय कमेटी का गठन करना है. कानून के उल्लंघन का पता चलते ही इसकी सूचना तत्काल बार कौंसिल को देना है. समय-समय पर इसकी जांच की व्यवस्था की जाएगी.

अधिवक्ता कल्याण निधि में जमा होती है राशि

एडवोकेट वेलफेयर स्टांप से मिलने वाली राशि अधिवक्ता कल्याण निधि में जमा होती है. इसका संचालन अधिवक्ता कल्याण निधि न्यास समिति करती है. इस राशि का इस्तेमाल वकीलों की मौत, स्थायी नि:शक्तता, बीमारी और दूसरे कल्याण के कार्य में किया जाता है.

नियम नहीं मानने पर कार्रवाई

नियम का उल्लंघन करने वाले वकीलों के खिलाफ अधिवक्ता अधिनियम की धारा के तहत कार्यवाही की जाएगी. उन्हें तत्काल रूप से सभी कल्याण योजनाओं से वंचित कर दिया जाएगा. इसके साथ ही उनके मताधिकार को भी खत्म कर दिया जाएगा. वहीं नोटरी पब्लिक को नोटरी के तौर पर उस बार परिसर में नोटरी का काम करने से रोक दिया जाएगा. साथ ही नोटरी लाइसेंस को निलंबित एवं निरस्त करने की अनुशंसा की जाएगी.

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