Jamshedpur

गलत तरीके से टीएसी का गठन करने वालों पर हो कार्रवाई : सालखन

Jamshedpur : पूर्व सांसद सह आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू मंगलवार को बयान जारी कर कहा है कि आखिर भारत के पार्लियामेंट में 6 दिसंबर को स्पष्ट हो गया है कि झारखंड सरकार की ओर से 4 जून को टीएसी (आदिवासी सलाहकार परिषद) का गलत तरीके से गठन किया गया है. राज्यपाल के अधिकारों पर अतिक्रमण किया गया है.

यह छोटी भूल नहीं

यह छोटी भूल नहीं है. संविधान के साथ धोखा है. इसके लिए जहां हेमंत सरकार दोषी है, वहीं झारखंड के एडवोकेट जनरल और संबंधित ब्यूरोक्रेसी भी दोषी है. यह अन्ततः झारखंड के आदिवासी जन-जीवन के साथ गहरी एक षड्यंत्र और धोखेबाजी है. चूंकि पारित नियमावली के तहत 20 सदस्य वाली टीएसी में केवल 4 लोगों की सहमति से कोई भी निर्णय पारित किए जा सकते हैं. संविधान के पांचवी अनुसूची क्षेत्र में राज्यपाल और राष्ट्रपति ही अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण के संरक्षक हैं.

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राज्यपाल के अधिकारों का किया अतिक्रमण

सालखन मुर्मू ने कहा कि हेमंत सरकार की ओर से  राज्यपाल के अधिकारों का अतिक्रमण कर संवैधानिक सुरक्षा और कवच को तोड़ने का प्रयास निंदनीय और खतरे की घंटी है. आदिवासी सेंगेल अभियान संबंधित दोषी पक्षों से संविधान विरोधी कार्रवाई के लिए माफी की मांग करता है.

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