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गुजर गये चार साल, फाइलों में ही पड़ा रह गया 1014.8 करोड़ का एक्शन प्लान

जंगल को आग से बचाने की योजना जमीं पर नहीं उतरी, स्मार्ट जल प्रबंधन पर भी फिरा पानी

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बदलते मौसम के अनुसार किसानों को नहीं मिल रही सटीक सूचना, न हुआ दक्षता विकास और न ही चला जागरूकता कार्यक्रम

Ravi/Pravin

Ranchi: प्रदेश में एक दर्जन से अधिक विभागों के लिए एक्शन प्लान बना. इन एक्शन प्लान को केंद्र ने भी लगभग चार साल पहले स्वीकृति दी. इसके बावजूद इस पर कोई काम नहीं हुआ. जंगल और कृषि के विकास को बढ़ावा देने के लिए कुल 1014.8 करोड़ का एक्शन प्लान बना. लेकिन यह प्लान फाइलों में ही पड़ा रह गया. इस प्लान में कई ऐसे उपाय किये गये थे, जिससे  किसानों के आर्थिक विकास के साथ  शहरों और गांवों का हरियालीकरण भी होता. गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होती. स्मार्ट जल प्रबंधन की कवायद होती. लेकिन चार साल से यह प्लान सिर्फ फाइलों की शोभा बन कर रह गया.

जंगल को आग से बचाने के लिए 67 करोड़ का था प्रावधान

एक्शन प्लान में जंगल को आग से बचाने के लिए 67 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था. लेकिन इस योजना को भी अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका. किसानों को बदलते मौसम की सटीक जानकारी देने के लिए 9.6 करोड़ का प्रावधान किया गया था. यह योजना भी जमीं पर नहीं उतरी. कृषि प्रबंधन व जैविक खेती के लिए 65 करोड़ रुपये खर्च किये जाने थे. ग्रीन एनर्जी के लिए 102.6 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था. लेकिन योजना पर काम नहीं होने के कारण चार साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है.

 

कृषि का एक्शन प्लान

 

किस मद में कितना होता खर्च

 

मद

खर्च (करोड़)

 

शोध और कृषि विकास

24.8 करोड़

 

आधारभूत संरचना(कोल्ड स्टोरेज)

54.1 करोड़

 

कृषि प्रबंधन व जैविक खेती

65 करोड़

 

मृदा संरक्षण व कृषि उत्पादन को बढ़ावा

180 करोड़

 

स्मार्ट जल प्रबंधन

 

150 करोड़

मौसम की सूचना किसानों को देने के लिए

 

9.6 करोड़

जागरूकता और अफसरों का दक्षता विकास

26 करोड़

 

किसानों के क्षमता वर्द्धन

8.7 करोड़

 

कुल

518.2 करोड़

 

वन विकास का एक्शन प्लान: किस मद में कितना होता खर्च

मदकितना करोड़ होता खर्च
वन संरक्षण पर शोध40 करोड़
मौसन परिवर्तन को ध्यान में रखकर वन प्रबंधन 

04 करोड़

 

ग्रामीण क्षेत्र में ग्रीन एनर्जी प्रबंधन102.6 करोड़

 

शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में हरियालीकरण192 करोड़

 

जैव विविधता121 करोड़
जागरूकता एवं क्षमता वर्द्धन26 करोड़

 

ग्रीन इंडिया मिशन7.5 करोड़

 

जंगल को आग से बचाने व कार्बन मुक्त67 करोड़

 

कुल एक्शन प्लान:496.6 करोड़

 

 

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