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जांच में देरी से बच रहे आरोपी बीडीओ, इंजीनियर

कई पर गंभीर आरोप पर, विभाग को रिपोर्ट नहीं कर रहे अफसर

Ranchi: ग्रामीण विकास विभाग में आरोपी पदाधिकारियों-कर्मियों पर कार्रवाई करने में अधिकारियों के द्वारा विलंब किया जा रहा है. राज्य सचिवालय से लेकर जिला स्तर पर भी अनेक महत्वपूर्ण मामलें लंबे समय से लंबित रखे जा रहे हैं. ग्रामीण विकास विभाग ने आरोप संबंधित मामलों की समीक्षा की है ओर विभाग की संयुक्त सचिव ने पूरी रिपोर्ट विभागीय सचिव तक पहुंचायी है. समीक्षा में कई मामले ऐसे सामने आये हैं जिसमें विभाग के द्वारा आरोपी पदाधिकारी,कर्मी के विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र-क गठित करने संबंधी जिला स्तर के पदाधिकारियों को दिए गए आदेश के बावजूद अनुपालन व कृत कार्रवाई का प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है,जिस वजह से आरोपी बीडीओ,इंजीनियर सहित कई अधिकारी-कर्मी कार्रवाई से बच रहे हैं. कई मामलों में आरोपी पदाधिकारी द्वारा उनके विरूद्ध गठित आरोप पत्र के संदर्भ में बचाव बयान देने के बाद भी विभाग या जिला स्तर पर मंतव्य लंबित रह जा रहा है. यह बात भी सामने आयी है कि विभाग के द्वारा दोषियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर गबन की राशि वसूली करने संबंधी दिए गये निर्देश के बावजूद अनुपालन व कृत कार्रवाई प्रतिवेदन अब तक नहीं भेजा है.

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विभाग द्वारा जल संसाधन,पथ निर्माण विभाग, कार्मिक विभाग झारखंड को अभियंताओं,प्रखंड विकास पदाधिकारियों के विरूद्ध आरोप पत्र उपलब्ध कराते हुए विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने की अनुशंसा के बावजूद उक्त के आलोक में अब तक क्या कार्रवाई की गयी इसकी भी रिपोर्ट नहीं मिल रही. यह बात भी सामने आयी है कि कई मामलों में परिवादी द्वारा साक्ष्य के साथ गंभीर आरोप लगाये जाते हैं,जिस पर विभाग द्वारा मामले की जांच का आदेश दिया जाता है,परंतु ऐसे मामले भी लंबे समय से लंबित हैं.

बता दें कि झारखंड में प्रखंड में झारखंड प्रशासनिक सेवा से प्रखंड विकास पदाधिकारियों की पोस्टिंग ग्रामीण विकास विभाग करता है,इनकी सेवा कार्मिक से मिलती है. वहीं, अभियंताओं की सेवा पथ निर्माण विभाग, विशेष प्रमंडल में अभियंताओं की सेवा जलसंसाधन विभाग से मिलती है. ऐसे में मनरेगा,ग्रामीण पुल सहित अन्य योजनाओं में लगातार गड़बड़ियों की शिकायत मिलती रहती है. इन मामलों में विभाग जांच कराता है,कई मामलों में आरोप पत्र दाखिल होता है कुछ में तत्काल एफआईआर का भी आदेश होता है. लेकिन  यह देखा जा रहा है कि विभाग के पदाधिकारी इन मामलों में त्वरित कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिस वजह से सालों तक मामला लटका रहता है, आरोपी अधिकारी-इंजीनियर बचे रहते हैं.

त्वरित निष्पादन का निर्देश

ग्रामीण विकास विभाग ने सारे आरोप संबंधी मामलों में देरी पर नाराजगी भी जतायी है. कार्मिक,पथ विभाग,जलसंसाधन विभाग से संबंधित अधिकारियों व इंजीनियरों पर लगे आरोपों की त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया है. जिला स्तर पर लंबित विभागीय आदेशों के अनुपालन आदि संबंधी प्रतिवेदन भी उपलब कराने को कहा है. समय पर कार्रवाई करते हुए जवाबदेही भी तय करने का आदेश दिया गया है.

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