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आरोपः सांसद निशिकांत की पत्नी ने 20 करोड़ की जमीन महज 3 करोड़ नगद देकर खरीदी, सांसद ने कहा- पत्नी से बात करें

Akshay Kumar Jha

Ranchi: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे की पत्नी अनामिका गौतम पर गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि देवघर में एलओकेसी धाम की रजिस्ट्री 29 अगस्त 2019 को की गयी. जिसकी रजिस्ट्री संख्या 770 है. आरोप लगाया जा रहा है कि सांसद निशिकांत दुबे ने अपने राजनीतिक प्रभाव का जोर दिखा कर करीब 20 करोड़ की कीमतवाली प्रॉपर्टी सिर्फ तीन करोड़ में अपनी पत्नी के नाम खरीदी है. ऐसा करने से सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का घाटा हुआ है.

शिकायतकर्ता ने इस बात की शिकायत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की है. साथ ही मुख्य सचिव और देवघर उपायुक्त को भी शिकायत की कॉपी सौंपी गयी है. देवघर के बम्पास टाउन निवासी विष्णुकांत झा ने यह गंभीर आरोप लगाया है.

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तीन करोड़ नगद भुगतान कर खरीदी प्रॉपर्टी

शिकायतकर्ता ने शिकायत के आवेदन के साथ रकम प्रप्ति की रसीद भी मुहैया करायी है. रसीद में इस बात का उल्लेख है कि प्रॉपर्टी खरीदने के लिए उनकी पत्नी की तरफ से तीन करोड़ नगद रुपये दिये गये. जो कि नियम के विरुद्ध है. नोटबंदी के बाद से दो लाख से ज्यादा नगद देकर किसी भी चीज को खरीदने पर मनाही है. लेकिन सांसद की पत्नी अनामिका गौतम ने एक वेंडर को सात लाख और बाकी आठ वेंडरों को 2.93 करोड़ रुपये नकद देकर जमीन खरीदी है. जिसे शिकायतकर्ता की तरफ से गलत बताया गया है और उच्च स्तरीय जांच की कमेटी बना कर जांच करने को कहा गया है.

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क्या कहा सांसद निशिकांत ने

इस मामले पर न्यूज विंग संवाददाता ने फोन कर सांसद निशिकांत दुबे से बात की. सांसद निशिकांत ने कहा – आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि यह प्रॉपर्टी मेरे नाम पर नहीं है. इसलिए इस मामले पर आप अनामिका गौतम से बात करें. इस मामले पर मैं क्यों जवाब दूंगा. मेरी पत्नी की एक अलग आइडेंटिटी है. इसलिए आप उन्हीं से बात करें. सांसद निशिकांत दुबे से संवाददाता ने उनकी पत्नी का नंबर मांगा तो उन्होंने कहा कि मेरे पास मेरी पत्नी का नंबर नहीं है. जिसने आपको सारी जानकारी दी है, उसी से नंबर भी मांग लें. मुझे किसी मामले की कोई जानकारी नहीं है. अगर किसी ने जांच के लिए आवेदन दिया है, तो उसकी जांच होगी. इसलिए जांच होने दीजिए. इसमें जिसको जो लिखना है लिखता रहे. आप सभी कुछ लिखने के लिए स्वतंत्र हैं. मेरे तरफ से कोई Explanation नहीं है. वो कोई बेनामी संपत्ति नहीं है. मैंने अगर अमित अग्रवाल के ऊपर कोई आरोप लगाया है तो मैंने बेनामी संपत्ति की बात कही है. जिस संपत्ति की चर्चा हो रही है, वो अनामिका गौतम के नाम पर है. वो कोई बेनामी संपत्ति नहीं है. जब बेनामी संपत्ति नहीं है, तो इस बारे में रजिस्ट्रार बतायेगा. रजिस्ट्री सरकार की तरफ से हुई है. इसका मतलब झारखंड में सभी रजिस्ट्री गलत होती होगी. इसलिए आप रजिस्ट्रार से पूछिए. और सबसे बड़ी बात कि यह मामला कोर्ट में है. और जब मामला कोर्ट में होता है तो किसी तरह की कोई शिकायत मामले को लेकर नहीं हो सकती है. कोर्ट में यह मामला आठ महीने से है.

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