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आरोप : मेवालाल नमकीन कंपनी काम कराने के बाद नहीं दे रही वेतन

महिला कर्मियों से तो डे-नाइट काम लिया जाता था. इसके लिए उन्हें मात्र 12,000 रूपये वेतन मिलता था.

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Ranchi : राजधानी के पुनदाग स्थित कंपनी मेवालाल नमकीन द्वारा अपने कर्मियों के साथ आर्थिक शोषण करने का मामला प्रकाश में आया है. यहां काम करने वाले कई कर्मियों (जिसमें कई महिलाएं भी शामिल हैं) ने आरोप लगाया है कि उनसे काम करवा लिया गया पर वेतन नहीं दिया जा रहा है.

Mayfair 2-1-2020

भुक्तभोगी कर्मियों ने न्यूज विंग को बताया कि वे पिछले कई माह से कंपनी में काम कर रहे थे. महिला कर्मियों से तो डे-नाइट काम लिया जाता था. इसके लिए उन्हें मात्र 12,000 रूपये वेतन मिलता था. काम के एवज में जब इन कर्मियों ने कंपनी के मालिक अंशुल कुमार लोहानी से वेतन की मांग की, तो वे टालमटोल कर कहते थे कि आज-कल में वेतन दे दिया जायेगा. लेकिन वेतन नहीं दिया गया.

वेतन नहीं मिलने के कारण इनमें से कई कर्मियों ने काम छोड़ दिया है. वही कुछ छोड़ने की स्थिति में हैं. अब जब इन्हें वेतन मिलने की संभावना नहीं दिख रही, तो हताश होकर उन्होंने मीडिया के सामने अपनी बात रखी.

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Vision House 17/01/2020

काम छोड़ने की धमकी देते थे मालिक अंशुल कुमार

कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर रविकांत कुमार ने बताया कि पिछले कई माह से उन्होंने कंपनी में अपनी सेवा दी है. लेकिन अभी तक इऩ्हें दो माह का वेतन नहीं मिला है. कंपनी के मालिक अंशुल कुमार से बार-बार इस बारे में कहा गया है, लेकिन अब तो वे काम छोड़ने तक की धमकी दे रहे हैं.

इतना ही नहीं, कंपनी से जुड़े कई काम के लिए भी जब वे बाहर जाते थे, तो मालिक अंशुल कुमार उन्हें ही अपना खर्च करने की बात कहते थे. एक कर्मी गौतम कुमार सिंह ने बताया कि डे-नाइट मिलाकर अब तक तीन माह गुजर चुके हैं. उन्हें कुल 17,500 रूपये वेतन मिलता था. लेकिन कंपनी द्वारा उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है. जब मालिक से पूछा जाता है, तो वे कोई न कोई बहाना बनाते है.

प्लांट मैनेजर के पद पर काम कार्यरत दीपू कुमार ने बताया कि कंपनी द्वारा उन्हें दिया गया एक चेंक बाउंस हो चुका है. उसके बाद से उन्हें अभी तक वेतन ही नहीं मिला है.

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आर्थिक शोषण होने वाली में कई महिला कर्मी भी शामिल

महिला कर्मियों ने बताया कि कंपनी के लिए उनसे डे-नाइट मिलाकर काम लिया जाता है. इस एवज में इन महिला कर्मियों को केवल 12,000 रुपये (6000-6000 रुपये) मिलते थे. बाद में जब इन कर्मियों ने नाइट में काम करने से मना किया, तो कंपनी के मालिक ने बिना वेतन दिये उन्हें काम से निकाल दिया. उनका एक माह से वेतन रुका गया है.

आर्थिक शोषण भुक्तभोगी महिला कर्मियों में दशमत्ति सिद्धू (जमशेदपुर निवासी), डिंपल तांती (सरायकेला निवासी), संगीता दास (चक्रधरपुर निवासी), प्रियंका महतो (जमशेदपुर निवासी) शामिल हैं.

आरोप बेबुनियाद, महिला कर्मियों को दिया गया है वेतन : अंशुल कुमार

कंपनी के मालिक अंशुल कुमार ने कर्मियों के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि महिला कर्मियों को उनके काम का वेतन दिया जा चुका है. लेकिन इन महिला कर्मियों ने नोटिस पीरियड देने के पहले ही काम छोड़ दिया.

कंपनी के नियम के मुताबिक इन महिला कर्मियों के वेतन में कुछ कटौती की गयी है. वही रविकांत नाम के कर्मी कंपनी में इंटर्नशिप के रूप में कार्यरत थे. ऐसे में उनका वेतन मांगना जायज नहीं है. कर्मी गौतम कुमार सिंह अभी भी कंपनी में कार्यरत हैं. उनका वेतन अभी कंपनी की माली हालत को देख होल्ड किया गया है. जल्द ही उन्हें उनका वेतन दिया जायेगा.

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Ranchi Police 11/1/2020

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