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असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली को लेकर विरोध-प्रदर्शन, झारखंड बोर्ड के छात्रों की अनदेखी का आरोप

जेपीएससी द्वारा मार्क्स बेसिस पर बहाली का विरोध कर रहे हैं छात्र

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Ranchi: रांची विश्वविद्यालय स्थित मोरहाबादी कैंपस में सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने उपस्थित होकर जेपीएससी द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली का विरोध किया. हाथों में तख्तियां लिए बड़ी संख्या में छात्र लम्बी कतार में खड़े नजर आये. छात्रों ने आरोप लगाया कि जेपीएससी, असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली प्रक्रिया में झारखंड के छात्रों को नजरअंदाज कर रही है.

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छात्रों का कहना था कि झारखंड के छात्र मेघा सूची में कहीं ना कहीं पिछड़ जाएंगे. झारखंड के ज्यादातर छात्रों का मैट्रिक, इंटर राज्य बोर्ड से है जहां पर मार्क्स काफी कम भी आते हैं. ऐसे में इस बहाली प्रक्रिया में कहीं ना कहीं बाहरी छात्रों को ज्यादा फायदा मिलेगा. इस बहाली में वैसे छात्रों को भी लाभ मिलेगा जो सीबीएसई बोर्ड से हैं.

विरोध जताते हुए छात्र

यूजीसी के नियमों की अनदेखी

विरोध की अगुवाई करते हुए डॉ रिंकू शाही ने न्यूज़ विंग को बताया कि फिलहाल जो बहाली प्रक्रिया जेपीएससी के द्वारा निकाली गई है वह यूजीसी के नियमों के अनुरूप नहीं है. जेपीएससी कहीं ना कहीं UGC के उस पत्र उल्लंघन कर रहा है जिसमें यूजीसी ने साफ कर दिया था कि वर्तमान में कोई भी बहाली विश्वविद्यालय स्तर पर नहीं ली जाएगी. जब तक रोस्टर तैयार नहीं कर लिया जाता है. ज्ञात हो कि यूजीसी ने 20 जुलाई को इस दिशा में नोटिफिकेशन जारी कर देश के सभी विश्वविद्यालय को सूचित किया था कि अपने यहां हो रही तमाम बहालियों पर यूनिवर्सिटी अविलंब रोक लगाएं.

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इस नोटिफिकेशन के बाद भी जेपीएससी ने असिस्टेंट बहाली प्रक्रिया पर रोक नहीं लगायी है. और ऑनलाइन छात्रों से असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं. वही बहाली प्रक्रिया को गौर से देखा जाए तो इससे स्पष्ट होता है कि जितने भी नियम जेपीएससी द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली के लिए बनाए गए हैं वह कहीं ना कहीं राज्य के स्थानीय छात्रों को इस बहाली प्रक्रिया से दूर करने की साजिश है. नेट और पीएचडी करने के बाद राज्य के छात्रों का मैट्रिक से लेकर के पीजी तक के अंक के आधार पर मेरिट लिस्ट बनाना यह साबित करता है कि इसके माध्यम से बाहरी छात्रों को लाभ पहुंचाना है.

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क्यों हो रहा है असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली प्रक्रिया का विरोध

जेपीएससी द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली प्रक्रिया में छात्रों को नेट या पीएचडी पास करने के बाद मेट्रिक से लेकर के PG तक के रिजल्ट में प्राप्त अंक के आधार पर उन्हें पॉइंट दिया जाएगा. इसी पॉइंट पर असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए चयनित छात्रों की मेरिट लिस्ट तैयार होगी. जिस छात्र के मैट्रिक से PG तक अच्छे अंक होंगे उन्हें अवसर मिलेगा. और ये बात उल्लेखनीय है कि झारखंड बोर्ड के छात्रों का मैट्रिक और इंटर में CBSE बोर्ड छात्रों की अपेक्षा कम नंबर आते हैं.

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वही बिहार और यूपी जैसे बोर्ड में छात्रों को अधिक अंक मिलते हैं. ऐसे में झारखंड के छात्रों को यह चिंता सताने लगी है कि असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली प्रक्रिया में पूरी तरह से बाहरी और CBSE से मैट्रिक-इंटर पास छात्रों का चयन हो जाएगा और झारखंड बोर्ड से पास छात्रों को निराशा हाथ लगेगी. इसी को लेकर झारखंड के छात्रों द्वारा जेपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली प्रक्रिया का विरोध किया जा रहा है.

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