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सड़क सुरक्षा माह में ही बढ़ गयीं दुर्घटनाएं, प्रतिदिन औसतन दो की जा रही जान

  • सड़क सुरक्षा माह के नाम पर की जा रही खानापूर्ति, ट्रिपल राइड और बिना हेलमेट पहने बाइक से सफर करते दिख रहे युवा

Ranchi: 18 जनवरी से 17 फरवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है लेकिन सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से किसी भी जगह पर जागरुकता अभियान नहीं चलाया जा रहा है. पिछले 5 दिनों के आंकड़ों पर गौर किया जाये तो राजधानी में ही प्रतिदिन औसतन 2 लोगों की जान सड़क दुर्घटना में जा रही है.

राजधानी की सड़कों पर बाइक सवार युवा सरपट दौड़ लगा रहे हैं और चौक-चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवान देखते ही रह जा रहे हैं. सड़क सुरक्षा माह में ऐसे अनियंत्रित बाइक सवारों पर लगाम लगाने के लिए कोई विशेष योजना नहीं बनायी गयी है. हालांकि क्राइम कंट्रोल के उद्देश्य से शहर के विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस द्वारा जांच अभियान जरूर चलाया जा रहा है.

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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में भी कहीं पर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से किसी प्रकार की कोई योजना नहीं चलायी जा रही है. सड़क सुरक्षा माह की शुरुआत होते ही गोंदा थाना क्षेत्र के कांके रोड स्थित रॉक गार्डन के समीप अनियंत्रित बाइक पत्थर से टकरा गयी जिसमें एक युवक की जान चली गयी जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गये थे.

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इसके अलावा खेलगांव थाना क्षेत्र स्थित खेलगांव कॉम्प्लेक्स के पास एक टेंपो चालक, कोकर कांटा टोली मार्ग में चड्ढा पेट्रोल पंप के पास एक बाइक सवार, कांके थाना क्षेत्र स्थिति रिंग रोड में बाइक सवार चाचा-भतीजा और ओरमांझी में सड़क किनारे से पैदल जा रहे युवक की मौत सड़क दुर्घटना में हो चुकी है.

हालांकि इसके बाद भी ना तो पुलिस और ना ही प्रशासन के किसी अधिकारी की नींद खुल रही है ताकि सड़क सुरक्षा माह में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाकर सड़क दुर्घटना की घटनाओं को कम किया जा सके.

ज्यादातर 15 से 25 वर्ष के उम्र के युवा हो रहे दुर्घटना के शिकार

दुर्घटना में मरने वाले लोगों में ज्यादातर 15 से 25 वर्ष के उम्र के युवा होते हैं. कई युवा घर में बिना किसी को कुछ बताए बाइक लेकर सड़कों पर निकल जाते हैं जिसके बाद वे हादसे का शिकार होते हैं और अपनी जान गंवा देते हैं.

दुर्घटना के बाद परिजनों द्वारा अक्सर यह लोगों को बताते हुए सुना जाता है कि घर में बार-बार बाइक चलाने के लिए मना करने के बाद भी चुपके से बाइक लेकर निकल जाता था. हालांकि पीड़ित परिवार के पास पछतावा के अलावा कुछ नहीं बचता.
दुर्घटना होने वाले ज्यादातर मामलों में यह भी देखा जाता है कि हाई स्पीड बाइक ही युवाओं के मौत का कारण बन रही है.

नुक्कड़ नाटक व हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने की योजना

सड़क सुरक्षा माह के दौरान जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न प्रकार के जागरुकता अभियान चलाए जाने की योजना है. नुक्कड़ नाटक व हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करते हुए उसका अनुपालन कराने के लिए प्रेरित किया जायेगा.

मालूम हो कि 18 जनवरी को मोरहाबादी मैदान में सांसद संजय सेठ के अलावा डीसी, एडीएम और डीटीओ समेत अन्य पदाधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को रवाना किया था जो पूरे एक माह तक लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा.

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