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JREDA के तीन पूर्व अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों की ACB करेगा जांच, मुख्यमंत्री ने दी इजाजत

  • ऊर्जा विभाग की कमिटी पहले ही कर चुकी है जांच

Ranchi : झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (JREDA) के तीन पूर्व अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. इस मामले की जांच अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) करेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को अनुसंधान के इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी.
ज्रेडा के जिन तीन पूर्व अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, उनमें जेयूएसएनएल निदेशक निरंजन कुमार, पूर्व ज्रेडा परियोजना निदेशक अरविंद कुमार, टीवीएनएल के कार्यपालक अभियंता (प्रतिनियुक्ति ज्रेडा) श्रीराम सिंह हैं. इन तीनों के खिलाफ पद का दुरुपयोग करने और भ्रष्टाचार के मामले में मामला दर्ज किया गया है.

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ऊर्जा विभाग की कमिटी ने भी की थी जांच, उसकी रिपोर्ट भी जांचेगा एसीबी

जांच के दौरान अनुसंधानकर्ता की ओर से जांच के क्रम में इन सभी आरोपियों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जायेगा. एसीबी ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट पर भी जांच करेगा. बता दें कि ऊर्जा विभाग की ओर से इस मामले को लेकर समिति बनायी गयी थी.

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शिकायत मिलने पर एसीबी ने की है प्रारंभिक जांच

इन पदाधिकारियों के विरुद्ध पद का दुरुपयोग करने संबंधी शिकायत पत्र दायर किया गया था, जिसके बाद मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की ओर से एसीबी को प्रारंभिक जांच के लिए प्राधिकृत किया गया था. एसीबी ने शिकायत पत्र में दर्ज सभी आरोपों की प्रारंभिक जांच कर तथ्यों के साथ अब तक उपलब्ध साक्ष्य एवं दस्तावेजों के आधार पर ज्रेडा के तीनों पूर्व अधिकारियों के खिलाफ विस्तृत जांच के लिए कांड अंकित करने की अनुशंसा की थी.

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निगरानी विभाग को भेजी गयी थी रिपोर्ट

एसीबी के रिपोर्ट दिये जाने के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने उसकी समीक्षा की, जिसके बाद ऊर्जा विभाग की सहमति लेकर मिली शिकायत पर जांच की अनुमति की मांग की गयी. इसके लिए ऊर्जा विभाग को जांच रिपोर्ट भेजी गयी. ऊर्जा विभाग की ओर से तीनों आरोपी अधिकारियों से पक्ष मांगा गया. आरोपी अधिकारियों के पक्ष रखे जाने के बाद विभाग की ओर से इसकी समीक्षा को लेकर कमिटी का गठन किया गया. इस कमिटी ने मामले की समीक्षा करने के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग को रिपोर्ट भेजी थी. अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले की जांच के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है और अब एसीबी इस पूरे मामले की जांच करेगा.

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