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युवा संवाद -5 : ABVP सदस्यों ने कहा, पूर्ण बहुमत की सरकार ने MoU किये पर जमीन पर नहीं उतार सकी

परिषद कार्यकर्ताओं ने कहा : कौशल विकास के नाम पर राज्य में हो रही खानापूर्ति, सरकार डिजिटल इंडिया की बात करती है लेकिन राज्य में एक भी डिजिटल लाइब्रेरी नहीं.

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  • गैस कनेक्शन देने के नाम पर 500 से 800 रूपये देने पड़ते हैं
  • प्रधानमंत्री आवास योजनाओं में लाभुकों से 15000 तक की वसूली

Ranchi : सरकार ने कंपनियों से एमओयू किया, लेकिन एमओयू जमीन पर नही उतर सकी. ऐसे में युवाओं को रोजगार का सवाल भी अधर में लटका रहा है. पूर्ण बहुमत की सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के अपने वादे को पूरा नही कर पायी. कौशल विकास के नाम पर पूर्ण बहुमत वाली सरकार ने युवाओं के साथ नाइंसाफी की है.

वहीं सरकार की सबसे सफल योजनाओं में से एक उज्वला योजना के तहत महिलाओं के नाम गैस कनेक्शन देने के नाम पर 500 से 800 रूपये नजराना लिये जा रहे हैं.  प्रधानमंत्री आवास योजनाओं में भी 15000 रुपये नजराना के तौर पर लाभुकों से वसूले जा रहे हैं.

उक्त बातें न्यूजविंग युवा संवाद में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुडे़ संजय कुमार महतो, कुमार दुर्गेश, लक्ष्मण कुमार साहू, रोहित शेखर व नीरज शर्मा ने कहीं. पेश हैं प्रमुख अंश : 

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‘राज्य में शिक्षा की बदहाली सुधार नही सकी पूर्ण बहुमत की सरकार’

झारखंड में इससे पूर्व जोड़-तोड़ की सरकार बनती थी. पहली बार राज्य में पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनी जिससे युवाओं को काफी उम्मीद थी जिसपर सरकार पूरी तरह खरी नहीं उतर सकी. राज्य और केंद्र सरकार डिजिटल इंडिया की बात करती है लेकिन राज्य में एक भी डिजिटल लाइब्रेरी नहीं बना पायी.

राज्य में जिस तरह प्रथामिक और माध्यमिक शिक्षा लचर बनी हुई है उसी तरह राज्य में उच्च शिक्षा की स्थिती भी बदतर है. विश्वविद्यालयों में शिक्षण कार्य पारा प्रोफेसरों के भरोसे चल रहा है. पूर्ण बहुमत की सरकार में उच्च शिक्षा में कोई आमुलचूल परिवर्तन नही कर सका.

हाल के वर्षों में सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की लेकिन सिर्फ हाई स्कूल शिक्षक, दारोगा, वनरक्षी के पद पर. सरकार जेपीएससी को लेकर पूरी तरह विफल रही. राज्य के युवाओ को प्रशासनिक सेवा में जाने के रास्ते बंद कर दिये गये हैं ऐसा प्रतीत होता है.

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‘कौशल विकास के नाम पर आठ-दस हजार का रोजगार देना नाइंसाफी 

राज्य में रोजगार के अवसर सामने नहीं आ पा रहे. रोजगार देने के नाम पर युवाओं को 8 से 10 हजार की नौकरी दी जा रही है. वर्तमान समय में एक बच्चे को बेहतर शिक्षा देने में 10 हजार से अधिक खर्च है. वहीं कौशल विकास कराके 8 से 10 हजार का रोजगार देकर युवाओं के साथ नाइंसाफी की जा रही है. कौशल विकास के नाम पर भी खानापूर्ति की जा रही है. राज्य के पढ़े लिखे युवा आज दर-दर भटक रहे हैं. विपक्षी भी राज्य के युवाओं की समस्याओं को सही ढंग से उठा नहीं सके.

राज्य के युवा लाखों खर्च कर उच्च शिक्षा प्राप्त करते हैं. 10 हजार की नौकरी में कैसे अपना परिवार चलायेंगे?

किसानों को मिल रहा है लाभ

कृषि को लेकर पूर्ण बहुमत की सरकार ने कुछ बेहतर काम किये. पूर्व में किसानों को लेकर जितनी भी योजना चलती थीं वह किसानों तक नहीं पहुंच पाती थीं. वर्तमान सरकार ने किसानों को सीधे बैंक खाते में राशि हस्तांतरण कर खेती-किसानी में मदद पहुंचाने का काम किया है.

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