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मंत्री रणधीर सिंह के साथ गाली-गलौज, लोगों ने कैसे धक्का-मुक्की कर मंच से उतारा देखें वीडियो

Deoghar/Ranchi: एक विधायक जो राज्य के अहम विभाग का मंत्री है. उसे उसी के विधानसभा में भीड़ गाली-गलौज करे. धक्का-मुक्की करे, तो समझा जा सकता है कि उनकी अपने ही विधानसभा में स्थिति क्या है. बात हो रही है सूबे के कृषि मंत्री रणधीर सिंह की. जिन्हें अपने ही विधानसभा सारठ के पारबाद गांव में मंगलवार की रात काली पूजा में आयोजित जागरण के दौरान गाली-गलौज देकर मंच से उतार दिया गया. धक्की-मुक्की की गयी. हालात बेकाबू होने के बाद मंत्री जी ने मौके से निकलन जाना ही वाजिब समझा. उनके बॉडी गार्डों से भी लोग उलझते दिखे. नीचे लगे वीडियो में आप साफ तौर से देख सकते है कि कैसे उन्हें धमकी दी जा रही है कि अगर मंत्री जी की तरफ से हाथ छोड़ा गया तो अंजाम भुगतना होगा.

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वीडियो में देखें कैसे हुई मंत्री जी की फजीहत…

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क्यों घटी घटना

बताया जा रहा है कि मंत्री रणधीर सिंह हर साल काली पूजा के वक्त मंदिर पूजा करने जाते हैं. मंत्री जी जब माता के दर्शन कर लौट रहे थे, तो कुछ समर्थकों ने उन्हें वहां चल रहे जागरण के मंच से भाषण देने का आग्रह कर दिया. जैसी ही मंत्री जी ने बोलना शुरू किया, वैसे ही ग्रामीणों ने हल्ला करना शुरु कर दिया. ग्रामीणों का कहना था कि विधायक को मंच से उतारो. इसी बीच मंच पर मौजूद मंत्री जी के समर्थकों ने ग्रामीणों को गाली देनी शुरू कर दी. जवाब में ग्रामीणों ने भी गाली-गलौज शुरू कर दी. ग्रामीण मंच पर चढ़ गए. ग्रामीणों को मंच पर चढ़ता देख मंत्री जी के समर्थक और बॉडी गार्डों ने मंत्री को घेर लिया. काफी देर तक धक्का-मुक्की होती रही. मंच पर तमाशा होता देख और ग्रामीणों को भारी पड़ता देख, मंत्री जी अपने लाव-लश्कर के साथ वहां से रवाना हो गए. मंत्री जी के कुछ समर्थकों का कहना है कि इन सब के पीछे वहां के किसी चुन्ना सिंह का हाथ है. हालांकि इस विषय पर चुन्ना सिंह से संपर्क नहीं किया जा सका है.

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सत्ताधारी बीजेपी के साथ कोई पहली घटना नहीं

ऐसा नहीं है कि बीजेपी के मंत्री या सांसद के साथ यह पहली घटना हो. यहां तक कि सूबे के मुखिया खुद सीएम रघुवर दास के साथ ऐसी घटना खरसांवा में घट चुकी है. मामला 2016 का है. खरसांवा गोलीकांड के शहीद दिवस के दौरान सीएम आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया था. सांसद रामटहल चौधरी और विधायक राम कुमार पाहन को खीजरी विधानसभा में आयोजित फुटबॉल मैच के दौरान ग्रामीणों ने विरोध का नारा लगाया था और मंच से उतार दिया था.

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