न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

मंत्री रणधीर सिंह के साथ गाली-गलौज, लोगों ने कैसे धक्का-मुक्की कर मंच से उतारा देखें वीडियो

हालात बेकाबू होने के बाद मंत्री जी ने मौके से निकलन जाना ही वाजिब समझा.

2,670

Deoghar/Ranchi: एक विधायक जो राज्य के अहम विभाग का मंत्री है. उसे उसी के विधानसभा में भीड़ गाली-गलौज करे. धक्का-मुक्की करे, तो समझा जा सकता है कि उनकी अपने ही विधानसभा में स्थिति क्या है. बात हो रही है सूबे के कृषि मंत्री रणधीर सिंह की. जिन्हें अपने ही विधानसभा सारठ के पारबाद गांव में मंगलवार की रात काली पूजा में आयोजित जागरण के दौरान गाली-गलौज देकर मंच से उतार दिया गया. धक्की-मुक्की की गयी. हालात बेकाबू होने के बाद मंत्री जी ने मौके से निकलन जाना ही वाजिब समझा. उनके बॉडी गार्डों से भी लोग उलझते दिखे. नीचे लगे वीडियो में आप साफ तौर से देख सकते है कि कैसे उन्हें धमकी दी जा रही है कि अगर मंत्री जी की तरफ से हाथ छोड़ा गया तो अंजाम भुगतना होगा.

इसे भी पढ़ें –शीर्ष माओवादी नेता गणपति ने पद छोड़ा, कबड्डी खिलाड़ी बासव राव नये प्रमुख

वीडियो में देखें कैसे हुई मंत्री जी की फजीहत…

इसे भी पढ़ें – 11 महीने से लटकी है टाउन प्लानर की नियुक्ति, सूडा ने 13 दिसंबर 2017 को ही निकाला था विज्ञापन 

क्यों घटी घटना

बताया जा रहा है कि मंत्री रणधीर सिंह हर साल काली पूजा के वक्त मंदिर पूजा करने जाते हैं. मंत्री जी जब माता के दर्शन कर लौट रहे थे, तो कुछ समर्थकों ने उन्हें वहां चल रहे जागरण के मंच से भाषण देने का आग्रह कर दिया. जैसी ही मंत्री जी ने बोलना शुरू किया, वैसे ही ग्रामीणों ने हल्ला करना शुरु कर दिया. ग्रामीणों का कहना था कि विधायक को मंच से उतारो. इसी बीच मंच पर मौजूद मंत्री जी के समर्थकों ने ग्रामीणों को गाली देनी शुरू कर दी. जवाब में ग्रामीणों ने भी गाली-गलौज शुरू कर दी. ग्रामीण मंच पर चढ़ गए. ग्रामीणों को मंच पर चढ़ता देख मंत्री जी के समर्थक और बॉडी गार्डों ने मंत्री को घेर लिया. काफी देर तक धक्का-मुक्की होती रही. मंच पर तमाशा होता देख और ग्रामीणों को भारी पड़ता देख, मंत्री जी अपने लाव-लश्कर के साथ वहां से रवाना हो गए. मंत्री जी के कुछ समर्थकों का कहना है कि इन सब के पीछे वहां के किसी चुन्ना सिंह का हाथ है. हालांकि इस विषय पर चुन्ना सिंह से संपर्क नहीं किया जा सका है.

इसे भी पढ़ें –  धनबाद डीसी आफिस के पास महिला ने की आत्मदाह की कोशिश, डीएसपी ने कहा-चोरी के आरोप से बचने की कोशिश

सत्ताधारी बीजेपी के साथ कोई पहली घटना नहीं

ऐसा नहीं है कि बीजेपी के मंत्री या सांसद के साथ यह पहली घटना हो. यहां तक कि सूबे के मुखिया खुद सीएम रघुवर दास के साथ ऐसी घटना खरसांवा में घट चुकी है. मामला 2016 का है. खरसांवा गोलीकांड के शहीद दिवस के दौरान सीएम आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया था. सांसद रामटहल चौधरी और विधायक राम कुमार पाहन को खीजरी विधानसभा में आयोजित फुटबॉल मैच के दौरान ग्रामीणों ने विरोध का नारा लगाया था और मंच से उतार दिया था.

इसे भी पढ़ें – गोल्डेन कार्ड होते हुए भी रिम्स के ऑर्थो वार्ड के मरीजों को नहीं मिल रहा इसका लाभ

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.


हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Open

Close
%d bloggers like this: