न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

साल 2017 में झारखंड से करीब 10,879 महिलाओं ने काम की तलाश में घर छोड़ा

विस्थापन और उत्पीड़न की कहानी बयां करता है खूंटी

349
Khunti : घर की दीवारों को आंसू भरी आंखों से देखती 60 वर्षीय सुग्गी मुंडा समाज में विस्थापन और उत्पीड़न की कहानी को बयां करती है. झारखंड में खूंटी जिले के जबरा गांव की निवासी सुग्गी की बड़ी बेटी सनियारो धन 15 वर्ष से लापता है और छोटी बेटी 12 वर्ष बाद अपने घर लौटी है. उसके बेटे को वर्ष 2000 में दलाल असम में नौकरी दिलाने का लालच देकर ले गए और उसके बाद परिवार ने उसे कभी नहीं देखा. दो वर्ष पहले उसके मरने की खबर जरूर इस घर की चौखट पर पहुंची. सुग्गी की बेटी लल्ली और उनके पति की बीमारी के कारण मौत हो गयी, क्योंकि परिवार के पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे.

महिलाओं ने काम की तलाश में घर छोड़ा

प्रदेश में सुग्गी अकेली नहीं है बल्कि यहां करीब-करीब हर घर की यही कहानी है. राज्य के श्रम विभाग के अनुसार वर्ष 2017 में झारखंड से करीब 10,879 महिलाओं ने काम की तलाश में घर छोड़ा. लेकिन कुछ ही अपनी मंजिल तय कर पाईं. ज्यादातर महिलाओं को दलालों ने शहरों में घरेलू सहायिका का काम दिलाने का लालच दिया. लेकिन कुछ को ही काम मिला. कुछ काम के नाम पर बंधुआ मजदूर बन गईं. बहरहाल, राज्य में काम कर रहे एनजीओ का कहना है कि यह संख्या अधिक हो सकती है क्योंकि इसके सही रिकॉर्ड मौजूद नहीं है.

जबरन मजदूरी के लिए की जाती है लड़कियों की तस्करी

‘एक्शन अगेंस्ट ट्रैफिकिंग एंड सेक्चुअल एक्सप्लाइटेशन ऑफ चिल्ड्रन’ (एटीएसईसी) संगठन के राज्य समन्वयक संजय मिश्रा ने बताया कि झारखंड मानव तस्करी का एक स्रोत राज्य है. सरकार इस मुद्दे पर काम कर रही है लेकिन अब भी इस पर बहुत काम किए जाने की जरूरत है. क्योंकि अधिकतर लड़कियां काम की तलाश में बाहर जाती हैं और आजीविका, अवसरों और पैसे की कमी के कारण फंस जाती हैं. उन्होंने बताया कि लड़कियों की तस्करी उनसे जबरन मजदूरी कराने और देह व्यापार में धकेलने के लिए की जाती है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केवल खूंटी से ही 4,691 लोग काम की तलाश में बाहर गए, जिनमें से 1128 महिलाएं हैं. इनमें सुग्गी की बड़ी बेटी सनियारो धन शामिल है जो 15 साल से लापता है. उसे दलाल दिल्ली में काम दिलाने का वादा कर ले गया था लेकिन तब से उसका कोई पता नहीं है.

इसे भी पढ़ें- आखिर कब होगा 14 हजार करोड़ का एक्शन प्लान, अब तक बिजली की मांग नहीं हो पायी है पूरी

इसे भी पढ़ें- एचईसी आयी, तो एससी-एसटी को पैसा मिला और उनलोगों ने दारू पीकर उड़ा दिया : सांसद रामटहल चौधरी

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: