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#AatmanirbharBharat : वित्त मंत्री ने किसानों के लिए 30 हजार करोड़ की अतिरिक्त सहायता की घोषणा की

New Delhi: पीएम मोदी द्वारा घोषित आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज से जुड़ी घोषणाएं करते हुए गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों के लिए 30 हजार करोड़ की अतिरिक्त सहायता की घोषणा की.

प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने सभी प्रवासियों दो महीने के लिए मुफ्त राशन देने का भी ऐलान किया. यह लाभ बिना राशन कार्ड वालों को भी मिलेगा.

निर्मला ने कहा कि 8 करोड़ प्रवासियों के लिए 3500 करोड़ का प्रावधान सरकार करवाने जा रही है. पांच-पांच किलो गेहूं या चावल व एक किलो चना प्रति व्यक्ति दिये जायेंगे. इसे लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी.

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प्रेस कांफ्रेंस की खास बातें

  • किसानों के लिए 30,000 अडिशनल इमर्जेंसी वर्किंग कैपिटल फंड स्थापित कर रहे हैं, यह नाबार्ड के जरिए होगा.
  • सरकार क्रेडिट लिंक बेस्ड सब्सिडी स्कीम (एमआइजी) को मार्च 2021 तक बढ़ा रही है.
  • रेहड़ी-पटरी वालों को मिलेगा लोन, 10,000 रुपये तक का कर्ज ले सकेंगे. 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को होगा फायदा.
  • मुद्रा शिशु लोन के दायरे में जो आते हैं, उन्हें ब्याज से राहत दी जायेगी. मुद्रा शिशु लोन लेने वालों के ब्याज में 2 फीसदी की छूट होगी, इसका खर्चा सरकार उठायेगी.
  • प्रवासी मजदूरों के लिए सस्ते किराये के घर की योजना हम लेकर आयेंगे, जिससे कि जहां प्रवासी मजदूर काम कर रहे हैं, उन्हें सस्ते में घर मिल सके.
  • ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ की योजना हम लाने वाले हैं. इसके लिए मार्च 2021 तक लक्ष्य रखा गया है.
  • जुलाई तक 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को राशन के लिए 3,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है. राज्यों को लाभ पहुंचाना होगा. जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं, उन्हें भी लाभ मिलेगा.
  • महिलाओं के लिए रात्रि की पाली में काम करने पर सुरक्षा के लिए गाइडलाइन लायी जायेगी.
  • न्यूनतम मजदूरी में भेदभाव को खत्म करेंगे, मजदूरों का सालाना हेल्थ चेकअप होगा.
  • न्यूनतम मजदूरी पहले ही 182 से बढ़ाकर 202 रुपये की जा चुकी है। 2.33 करोड़ प्रवासी मजदूरों को पंचायतों में काम मिला है.
  • प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए हम योजना लेकर आये हैं, उन्हें लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है
  • नाबार्ड ने ग्रामीण बैंकों को 29,500 करोड़ की मदद दी है.
  • बेघर लोगों को 3 वक्त खाना दिया जा रहा है. उनके लिए पैसे की भी व्यवस्था की गयी है.
  • शहरी गरीबों को 11,000 करोड़ रुपये की मदद की गयी है, एसडीआरएफ के जरिए दी जा रही मदद.
  • कोरोना के समय में 63 लाख लोन कृषि क्षेत्र के लिए मंजूर किए गए, यह राशि 86,600 करोड़ रुपये हैः
  • 25 लाख किसान क्रेडिट कार्ड दिए गये हैं, 3 करोड़ किसानों तक मदद पहुंचाई गयी है. सरकार लॉकडाउन में भी लगातार काम कर रही है.

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