NationalSci & Tech

#AarogyaSetuApp: प्राइवेसी संबंधी हैकर के आरोपों का भारत सरकार ने दिया जवाब

विज्ञापन

New Delhi: कोरोना वायरस से लड़ने के मकसद से केंद्र सरकार ने आरोग्य सेतु एप पिछले ही महीने लॉन्च किया है. इसके बारे में सरकार ने कहा था कि इस कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग ऐप से लोगों को संक्रमण से बचने में मदद मिलेगी.

हालांकि लॉन्चिंग के बाद से ही इस पर सवाल उठ रहे हैं. सवाल लोगों की प्राइवेसी को लेकर है. हाल ही में एक फ्रेंच साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट और एथिकल हैकर ने दावा किया है कि आरोग्य सेतु में सुरक्षा की एक बड़ी खामी है.

इस पर केंद्रीय मंत्री और ऐप की टीम हैकर के दावे को खारिज करने में जुटे हैं.

advt

इसे भी पढ़ें – #Jharkhand: स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर से 51935 गर्भवती महिलाओं की सूची की है तैयार, मई में होना है प्रसव

हैकर ने कहा- आरोग्य सेतु की सुरक्षा में दिक्कत

फ्रांस के सिक्योरिटी एक्सपर्ट और एथिकल हैकर इलियट एंडरसन (छद्म नाम) ने 5 अप्रैल को ट्वीट किया कि आरोग्य सेतु ऐप में एक सुरक्षा की दिक्कत है.

हैकर ने आरोग्य सेतु के ट्विटर हैंडल को टैग करते हुए लिखा कि इससे 9 करोड़ लोगों का डेटा खतरे में है.

एंडरसन ने इस ट्वीट में कहा कि राहुल गांधी इस ऐप के बारे में सही बात कह रहे थे.

बता दें कि राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले इस ऐप से संबंधित डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता जताते हुए इसे एक सर्विलांस सिस्टम करार दिया था.

ये दिया गया जवाब

इलियट एंडरसन के ट्वीट के बाद आरोग्य सेतु के डेवलपर्स ने आरोपों का जवाब देते हुए 6 मार्च को एक ट्वीट किया. ऐप की टीम ने दावा किया कि किसी भी यूजर की निजी जानकारी को खतरा नहीं है.

टीम ने माना कि कुछ दिक्कतें हैं लेकिन ये मानने से इंकार किया कि उनकी वजह से सुरक्षा को कोई खतरा है.

वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स और आटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी आरोग्य सेतु ऐप को सुरक्षित बताया है. प्रसाद ने कहा- ये भारत का टेक्नोलॉजिकल अविष्कार है. इस प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी तय है.

इसे भी पढ़ें – क्या कर्नाटक, गुजरात में बिहार-झारखंड के मजदूर गुलाम हैं? हमारे सांसद चुप क्यों हैं ?

हैकर ने ये भी दावे किये

इलियट एंडरसन ने दावा किया है कि ऐप की इस दिक्कत की वजह से उन्हें पता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय और संसद में कितने लोग बीमार हैं.

एंडरसन ने एक और ट्वीट में दावा किया कि आरोग्य सेतु ऐप में सुरक्षा की दिक्कत बताने के 49 मिनट बाद उन्हें कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT) और नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने संपर्क किया.

हैकर ने ये भी कहा कि अगर एक ‘डेडलाइन’ के अंदर दिक्कत का हल नहीं किया गया, तो वो ऐप की कमी सबके सामने ले आयेंगे.

एंडरसन ने ट्विटर पर लिखा कि आरोग्य सेतु ऐप का सोर्स कोड, ओपन सोर्स होना चाहिए. एंडरसन ने लिखा, “अगर आप लोगों को ऐप इंस्टॉल करने के लिए मजबूर कर रहे हैं, तो उन्हें ये जानने का हक है कि ऐप असल में करता क्या है.

इसे भी पढ़ें – कोरोना वायरस की वजह से बंद करना पड़ा कोलकाता का एक और अस्पताल, बीएसएफ के 5 और जवान संक्रमित 

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
Close