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मेहनताना मांगते बीत गया एक साल, खत्म हो गया कॉन्ट्रैक्ट पीरियड

Ranchi : 14वें वित्त के लगभग 1600 कर्मी 17 दिसंबर, 2020 से रांची में हड़ताल पर हैं. 3 जनवरी से 12 कर्मी अब आमरण अनशन पर भी बैठ चुके हैं. सभी सरकार से संविदा विस्तार की गुहार लगा रहे हैं. साथ ही वे बकाया मानदेय को लेकर भी सरकार से अपील कर रहे हैं.

कर्मियों की शिकायत है कि राज्य के कई जिलों में 14वें वित्त के कर्मियों का नियत मानदेय एक-एक साल से फंसा पड़ा है. सेवा शर्तों के अनुसार हर साल कर्मियों के मानदेय में 5 प्रतिशत तक की वृद्धि की जानी थी.

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इसका भी पालन पिछले 3 सालों से कई जिलों में नहीं हुआ है. संविदा की अवधि खत्म हो जाने और बकाया मानदेय के चलते कर्मियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है.

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हर महीने 10 लाख का खर्च

14वें वित्त के कर्मियों के मुताबिक कई जिलों में कर्मियों का मानदेय 3 महीने से लेकर सालभर तक का बकाया है. जैसे गढ़वा में 31 जूनियर इंजीनियर और 47 कंप्यूटर ऑपरेटर थे. दोनों का मानदेय 5 महीने से अटका पड़ा है.

लगभग 10 लाख रुपये दोनों पदों के कर्मियों के मानदेय पर हर महीने खर्च होता था. जेई को हर माह 17,000 और ऑपरेटरों को 10,000 तक हर महीने दिया जा रहा था.

अलग-अलग जिलों में कर्मियों की संख्या अलग-अलग है. खूंटी में कर्मियों का मानदेय 4 महीने से बकाया है. 3 सालों से मानदेय वृद्धि भी नहीं की गयी है.

चाईबासा में 31 नवंबर, 2020 तक ही कर्मियों की सेवा ली गयी. यहां भी 3 सालों तक मानदेय वृद्धि का लाभ कर्मियों को नहीं मिला. सरायेकला खरसावां में भी 3 महीने का मानदेय कर्मियों का बकाया है. 1 साल से मानदेय वृद्धि का लाभ भी छीन लिया गया है.

इसके अलावे कर्मियों के अनुसार उनकी पोस्टिंग 40-50 किमी दूर स्थित ब्लॉक कार्यालयों में की गयी. गुमला के एक कर्मी दीपक के अनुसार वे लोग एक साल से मानदेय का इंतजार कर रहे हैं.

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क्या है मांग

हड़ताल पर बैठे कर्मियों की मांग है कि 15वें वित्त के कार्यक्रमों के लिए भी उनका संविदा विस्तार हो. या फिर सरकार पंचायती राज में उन्हें समायोजित करे. गौरतलब है कि 14वें वित्त से राज्यभर में जूनियर इंजीनियर औऱ एकाउंटेंट सह कंप्यूटर ऑपरेटरों को रखा गया था. जेई को हर माह 17,000 और ऑपरेटरों को 10,000 तक हर महीने दिया जा रहा था.

2015 में पंचायत चुनाव के समय राज्य में 4402 पंचायतें थीं. 263 प्रखंड थे. हर तीन पंचायत पर एक कंप्यूटर ऑपरेटर और हर प्रखंड में 2 जेई को नियुक्त किये जाने की प्रक्रिया की गयी थी.

यानी 1467 कंप्यूटर ऑपरेटरों और 526 जेई के लिए पद तय किये गये थे. हालांकि इन पदों पर कभी पूरी तरह से कर्मी नहीं रहे. फिलहाल 1600 से अधिक कर्मियों की संविदा समाप्त होने की सूचना है.

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