JamshedpurJharkhand

जमशेदपुर पश्चिम में आप नेता शंभू चौधरी की धमक से आया ट्विस्ट, सरयू के गढ़ में दिखेगा चुनावी घमसान

विज्ञापन

Jamshedpur : राज्य की हाई प्रोफाइल सीटों में से एक जमशेदपुर पश्चिम आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर हॉट सीट बन गया है. इस बार समाजसेवी शंभू चौधरी आम आदमी पार्टी से अपना दम खम दिखाने को तैयार हैं.

हालांकि इस सीट पर अब तक राज्य सरकार में मंत्री सरयू रॉय का दबदबा रहा है. लेकिन आप महानगर अध्यक्ष शंभू चौधरी के मैदान में उतरने से एक नया ट्वीस्ट देखने को मिल सकता है.
इस सीट से ही कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार भी मैदान में होंगे और उनकी भी दावेदारी किसी से कम नहीं आंकी जा सकती.

डॉ अजय जेवीएम से इस इलाके से सांसद भी रह चुके हैं. लेकिन अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद कयासों का बाजार गर्म है कि डॉ अजय पार्टी छोड़ सकते हैं. यदि ऐसा होता है तो कांग्रेस के पूर्व विधायक बन्ना गुप्ता की मुश्किलें आसान हो जायेंगी क्योंकि वह कांग्रेस के एकमात्र विकल्प रह जायेंगे.

advt

इसे भी पढ़ें : एचईसी कर्मी से कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन के नाम पर मांगी गयी लेवी, असामाजिक तत्वों का हाथ होने की आशंका

कौन हैं आप नेता शंभू चौधरी

शंभू चौधरी एक समाज सेवी की हैसियत से जमशेदपुर पश्चिम में जाने जाते हैं और लंबे समय तक वह आजसू में रह चुके हैं. हाल ही में पार्टी विरोधी रवैये और विवादों से घिर जाने के बाद उन्हें आजसू छोड़ना पडा है. अब आप के साथ जुड़े हैं जहां वो महानगर अध्यक्ष है.

बतौर समाजसेवी चौधरी की हर स्तर के लोगों के बीच अच्छी पैठ है. खास तौर से पेंशन, आधार, वोटर आइडी या फिर दूसरी सरकारी योजनाओं को लाभ जनता तक कैसे पहुंचे उसमें वो काफी सक्रीय रहे हैं. इस बार आप की तरफ से सरयू रॉट से दो-दो हाथ करने के लिए तैयारी में जुटे है.

पशोपेश में है डॉ अजय

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद डॉ अजय के पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हैं. कोई उनके बीजेपी का दामन थामने के कयास लगा रहा है तो कोई जेएमएम से चुनाव लड़ने की बात कह रहा है. अध्यक्ष पद पर रहने के दौरान उनकी जेएनमएम से नजदीकी किसी से छुपी नहीं है.

adv

खबर ये है कि डॉ अजय, हेमंत सोरेन के लगातार संपर्क में हैं. जेएमएम भी जमशेदपुर पश्चिम से मजबूत चेहरे की तलाश में है और डॉ अजय जेएमएम के लिए वो चेहरा बन कर सामने आ सकते हैं. लेकिन अभी भी डॉ अजय की तरफ से साफ नहीं है. हालांकि उन्होंने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है.

इसे भी पढ़ें : चार साल में सीयूजे से 1080 स्टूडेंट्स ने की वोकेशल कोर्स की पढ़ाई, मात्र 218 को ही मिली नौकरी

आस लगाये बैठे हैं बन्ना गुप्ता

डॉ अजय यदि काग्रेस का दामन छोड़ते हैं तो बन्ना गुप्ता की राह आसान हो जायेगी. गुप्ता पिछली बार इसी सीट से सरयू रॉय के खिलाफ चुनाव हार चुके हैं. डॉ अजय के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही उनकी संभवाना इस सीट से लगभग खत्म हो गयी थी. पार्टी के अंदर विरोध और डॉ अजय के इस्तीफे ने बन्ना गुप्ता को नयी उम्मीद दे दी है. लंबे समय से साइलेंट चल रहे बन्ना ने लोगों के बीच जाना शुरू कर दिया है.

हालांकि इस बार बन्ना के प्रति लोगों में रोष भी है. लोगों का कहना है कि बन्ना सिर्फ चुनाव के समय दिखते हैं और जीतने के बाद जनता के बीच से गायब हो जाते हैं.

इसे भी पढ़ें : पलामू: ODF के एक वर्ष बाद भी जमा नहीं हुआ यूसी, छह के खिलाफ दर्ज होगी प्राथमिकी

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button