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जमीन विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में पीड़ित परिवार का आरोप, एक पुलिस अफसर बचा रहे आरोपियों को

Giridih: 1 जुलाई 2019 को जमीन विवाद को लेकर जमुआ थाना क्षेत्र के जगरनाथडीह की रेणु सहाय और दशरथ साव के बीच हुए खूनी संघर्ष में एक पक्ष के पांच व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गये थे. इस मामले में पीड़ित रेणु सहाय परिवार के परिजनों का कहना है कि खोरीमहुआ अनुमंडल के पुलिस पदाधिकारी आरोपियों के पक्ष में काम कर रहे हैं. पीड़ित परिवार का कहना है कि इस मामले में 15 से अधिक लोगों के ऊपर केस किया गया था, लेकिन इस मामले में पुलिस ने सिर्फ 2 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. बाकी लोगों को गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास नहीं कर रही है. वहीं पीड़ित परिवार के परिजनों का कहना है कि एक बार मारपीट के बाद दोबारा आरोपियों के द्वारा केस वापस लेने की धमकी दी जा रही है.

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जमीन विवाद को लेकर हुई थी हिंसक झड़प

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मिली जानकारी के अनुसार जगरनाथडीह की रेणु सहाय एवं दशरथ साव के बीच जमीन विवाद को लेकर मामला अदालत में विचाराधीन है. उक्त जमीन को लेकर 1 जुलाई को दशरथ साव के गुट ने रेणु सहाय के परिजनों पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें रंजन कुमार दराद, ऋचा कुमारी दराद, स्नेहलता सहाय, रेशमा सहाय एवं नीरज सहाय गंभीर रूप से घायल हो गये. परिजनों एवं ग्रामीणों ने मिर्जागंज स्थित जमुआ देवघर मुख्य मार्ग पर घायलों को लेकर दो घंटे तक रोड जाम कर दिया था.

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घटना की खबर सुन कर पहुंची थी पुलिस

मिली जानकारी के अनुसार वारदात की खबर सुन कर जमुआ अंचल पुलिस निरीक्षक विनय कुमार राम, एसआइ चंद्रशेखर सिंह, सुमंत प्रसाद, सअनी नरेश कुमार यादव, पुलिस बल जवान के साथ मिर्जागंज जाम स्थल पर पहुंच कर लोगों को समझाने बुझाने का काफी प्रयास किया था. लेकिन घायल व्यक्ति के परिजनों के गुस्से के सामने पुलिस की एक भी नहीं चली थी. रेणु सहाय के परिवार के सदस्यों ने बताया कि जमुआ की पुलिस एवं अंचल प्रशासन के तानाशाही रवैये के चलते आज दशरथ साव के परिजन ने उनकी जमीन हड़पने की नीयत से उन पर जानलेवा हमला कर दिया. निहत्थे महिला सदस्यों पर लाठी-तलवार से वार किया.

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तलवार, टांगी, रॉड से किया गया था प्रहार

रेणु सहाय ने कहा कि आरोपी दशरथ साव, उमेश साव, अनिल साव, रविन्द्र साव, विजय साव, श्याम कुमार साव, रामकुमार साव, पंकज साव, सूरज साव, साजन साव, रंजन साव, मनीष साव, बिनोद साव, आदि लोग आये और उनकी जमीन कब्जा करने की नीयत से जमीन पर पहले से लगाये गये बांस के बल्ले आदि उखाड़ कर अपने घर ले जाने लगे. मना करने पर परिवार के एक सदस्य रंजन कुमार दराद को लोगों ने घेर लिया और तलवार, टांगी, लोहे की रॉड से प्रहार करना शुरू किया. हल्ला सुन कर गांव के कुछ लोगों के साथ बहू रेशमा सहाय, रिया कुमारी दराद, स्नेहलता सहाय आदि दौड़ कर आयीं, तो आरोपी ने सभी महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट कर उन्‍हें गम्भीर रूप से घायल कर दिया. इस बीच बीच- बचाव करने आये नीरज सहाय के साथ पंकज साहू एवं मनीष साव ने मारपीट की. जब वेलोग गम्भीर रूप से घायल हो गये,  तो नीरज साव, बंटी साव, विजय साव आदि ने ऋचा कुमारी दराद, स्नेहलता सहाय के गले से सोने की चेन एवं एक मोबाइल लूट ली. बंटी कोठारी ने धमकी दी कि सभी को जान से मार दो और यह जमीन हड़प लो, क्योंकि उनलोग की पकड़ भू-माफियाओं तक है.

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही है कार्रवाई

इस मामले में खोरीमहुआ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजीव कुमार से बात करने पर उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार के द्वारा लगाये गये आरोप बिल्कुल गलत हैं. पुलिस इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. अन्य की गिरफ्तारी का भी प्रयास कर रही है. आरोपी फरार हैं. जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.

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