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रिम्स में भर्ती मरीज के स्वाइन फ्लू से ग्रस्त होने का संदेह, जांच के लिए कोलकाता भेजा गया ब्लड सैंपल

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  • किडनी और हार्ट की बीमारी के इलाज के लिए आठ फरवरी से रिम्स में है भर्ती
  • परिजनों ने डॉक्टर को बताया- दिसंबर 2018 में वेल्लोर में पॉजिटिव था एच1एन1 टेस्ट
  • रिम्स के डॉक्टर ने पुष्टि के लिए फिर से जांच के लिए कोलकाता भेजा है ब्लड सैंपल
  • शनिवार को ही तीन संदिग्ध मरीजों के मिलने की बात आयी थी सामने
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Ranchi : रिम्स में भर्ती एक मरीज के स्वाइन फ्लू से ग्रस्त होने के संदेह पर डॉक्टर ने उसका ब्लड सैंपल जांच के लिए कोलकाता के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में भेजा है. रिम्स में उस मरीज का इलाज कर रहे डॉ बी कुमार ने बताया कि मरीज की किडनी पहले से ही खराब है, वह सीकेडी का भी मरीज है. मरीज के परिजनों ने उन्हें बताया कि मरीज का इलाज पहले वेल्लोर में चल रहा था. वहां उनकी एच1एन1 की जांच की गयी थी. चार दिसंबर 2018 को ही वहां एच1एन1 पॉजिटिव पाया गया था. उसके बाद इस बीमारी का वहां पूर्ण इलाज किया गया था. वर्तमान में मरीज किडनी और हार्ट की समस्या को लेकर आठ फरवरी से रिम्स में भर्ती है. मरीज अभी भी स्वाइन फ्लू की चपेट में है या नहीं, इसकी पुष्टि करने के लिए मरीज के परिजनों के आग्रह पर फिर से ब्लड सैंपल जांच के लिए कोलकाता भेजा गया है. डॉ बी कुमार ने बताया कि हालांकि इस मरीज में अभी स्वाइन फ्लू का कोई लक्षण नहीं देखा गया है, इसलिए परिजनों के साथ-साथ शहर के लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं है. गौरतलब है कि बर्ड फ्लू और स्वाइन फ्लू को लेकर पूरे राज्य में अलर्ट जारी किया गया है. शनिवार को ही तीन संदिग्ध मरीजों के मिलने की बात सामने आ चुकी थी.

क्या हैं लक्षण

रिम्स के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ जेजे मित्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीज को सर्दी-खांसी, बुखार और अंत में रेस्पिरेटरी फेल्योर की शिकायत होती है. ऐसे मरीजों में लक्षण इनफ्लुएंजा की तरह होता है. रिम्स अधीक्षक ने बताया कि ऐसे मरीज को इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया जाता है. इस वार्ड में डेंगू, स्वाइन फ्लू जैसे रोगों से पीड़ित मरीजों को भर्ती कराया जाता है.

विभाग हो गया है सक्रिय

रिम्स में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की सूचना मात्र से ही विभाग सक्रिय हो गया है. स्वास्थ्य सचिव ने सिविल सर्जनों को निगरानी का आदेश दिया है. वहीं, शनिवार को ही पशुपालन अधिकारियों को इस संबंध में सतर्कता बरतते हुए क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित करने का आदेश दिया जा चुका है.

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