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पार्षदों के एक समूह का भाजपा जनप्रतिनिधियों से मोहभंग, अब ले रहे विपक्ष का समर्थन

वार्ड नंबर 19 की पार्षद रोशनी खलखो ने लगाया आरोप- गुमराह कर बैठक को दिया राजनीतिक रूप, कांग्रेसी नेता राजेश गुप्ता छोटू ने सीपी सिंह के आदेश को बताया निगम का फरमान

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Ranchi : स्वच्छता सर्वेक्षण में राजधानी रांची को सफाई के मामले मे देश भर में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है. पर कहीं यह दर्जा छिन न जाये, इसे लेकर निगम के पार्षद काफी परेशान हैं. रांची के 52 में से करीब 33 वार्ड की सफाई का जिम्मा रांची एमएसडब्ल्यू (रांची नगर निगम और एस्सेल इन्फ्रा का ज्वॉइंट वेंचर) के पास है, लेकिन पार्षदों का आरोप है कि कंपनी की लापरवाही के कारण शहर में गंदगी का अंबार है और सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति ही की जा रही है. इसके बावजूद अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से कंपनी को पूरी रांची की सफाई की जिम्मेदारी दी जानी है. इसे लेकर निगम के पार्षद काफी नाराज हैं. पहले यही पार्षद भाजपा से जुड़े कई जनप्रतिनिधियों (मेयर, डिप्टी मेयर), नगर विकास मंत्री सीपी सिंह से एक नहीं, कई बार मिले और अपनी तकलीफ जाहिर की, पर इन पार्षदों की सुनने को कोई तैयार नहीं. अब पार्षदों का भरोसा सरकार में मौजूद जनप्रतिनिधियों से टूट रहा है. वे अब विपक्ष की हर पार्टी के आलाकमान से मुलाकात कर अपनी उम्मीद को जिंदा करने का प्रयास कर रहे हैं. यही कारण है कि कुल 23 पार्षदों का एक समूह गत दिनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता से मिले थे. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सहित नगर विकास मंत्री, मेयर, डिप्टी मेयर पर कंपनी को बचाने और प्रोत्साहन देने का आरोप लगाया था.

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भाजपा से जुड़े पार्षदों का हुआ था अभिनंदन

मालूम हो कि अप्रैल माह में भाजपा के टिकट पर नगरपालिका चुनाव जीते मेयर, डिप्टी मेयर सहित भाजपा समर्थक पार्षदों को रांची भाजपा महानगर ने सम्मानित किया था. सम्मानित होनेवाले पार्षदों में वेद प्रकाश सिंह (वार्ड-39),  विनोद सिंह (वार्ड-34), रीता मुंडा (वार्ड-46), रोशनी खलखो (वार्ड-19), वीणा अग्रवाल (वार्ड-08), अरुण झा (वार्ड-26), अर्जुन राम प्रजापति (वार्ड-25), सुनील यादव (वार्ड-20) जैसे पार्षद शामिल थे.

रांची एमएसडब्ल्यू की कार्यशैली से है नाराजगी

शहर में जिस तरह से गंदगी फैल रही है, उसे लेकर अब कई पार्षदों में नाराजगी है. इनका कहना है कि सफाई कार्य को लेकर कंपनी की कार्यशैली किसी से छिपी हुई नहीं है. पार्षदों का समूह पिछले कई महिनों से कंपनी को हटाने की मांग करता रहा है, लेकिन इसे हटाने की जगह प्रशासन द्वारा अब इसे प्रोत्साहन देते हुए सेवा विस्तार दिया जा रहा है.

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विपक्षी नेता से मिल जतायी थी नाराजगी

अब जब भाजपा जनप्रतिनिधियों पर विश्वास इन पार्षदों का कम होता जा रहा है, तो वे अब विपक्ष के आला नेतृत्व से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बता रहे हैं. बुधवार को ऐसी ही एक बैठक धुर्वा स्थित वार्ड 37 के पार्षद आनंद मूर्ति के कार्यालय में की गयी थी, जिसमें कुल 23 पार्षदों ने सीएम, नगर विकास मंत्री, मेयर, डिप्टी मेयर पर रांची एमएसडल्ब्यू को हटाने की जगह प्रोत्साहन देने का आरोप लगाया था. इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय मौजूद थे. पार्षदों का कहना है कि कंपनी के कार्यक्षेत्र को बढ़ाते हुए अन्य वार्डों में भी सेवा विस्तार देने के पीछे उनका क्या हित है, यह समझ से परे है. पार्षदों ने योजनाओं के क्रियान्वयन में कमीशनखोरी की भी बात कही थी. वहीं, गुरुवार को क्षुब्ध पार्षदों ने झारखंड विकास मोर्चा के सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी से मिलकर अपनी पीड़ा और हो रहे अपमान एवं अधिकारों के हनन को लेकर ज्ञापन सौंपा था.

भाजपा को अपनी महत्ता बताना हो सकता है कारण : पार्षद

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नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर एक पार्षद ने कहा कि सरकार तो इनकी सुन नहीं रही है, वहीं भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण इनके अधिकारों का हनन हो रहा है. उन्होंने बताया कि इसके पीछे और एक कारण इनका भाजपा को अपनी महत्ता दिखाना भी हो सकता है.

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कुछ पार्षदों ने षड्यंत्र रच बैठक को दिया राजनीति रूप : रोशनी खलखो

भाजपा छोड़ कांग्रेस में जाने के सवाल पर वार्ड नंबर 19 की पार्षद रोशनी खलखो ने कहा कि धुर्वा में रखी मीटिंग पूरी तरह से स्वच्छता को लेकर रखी गयी थी. बैठक में यह रणनीति बनानी थी कि किसी भी हाल में रांची एमएसडब्ल्यू को सभी 53 वार्डों का जिम्मा नहीं लेने देंगे. लेकिन, कुछ पार्षदों ने भाजपा समर्थित पार्षदों को गुमराह कर षड्यंत्र रच बैठक को राजनीतिक रूप दे दिया. ऐसे पार्षदों में उर्मिला यादव, सविता कुजूर, अर्जुन यादव, आनंद मूर्ति, झरी लिंडा, विनोद सिंह हैं. यही कारण है कि उस बैठक के दूसरे दिन जब बाबूलाल मरांडी से पार्षद मिलने गये, तो उनके साथ कोई भाजपा समर्थित पार्षद नहीं गया.

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भाजपा का चरित्र और मंत्री जी की मंशा जान चुके हैं पार्षद : राजेश गुप्ता छोटू

पूरे मामले पर कांग्रेसी नेता और डिप्टी मेयर का चुनाव लड़ चुके राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि जिस संवैधानिक तरीके से निगम का चुनाव हुआ था, आज उसी संविधान को एक कोने पर रख नगर विकास मंत्री सीपी सिंह अपने फरमान से निगम को चला रहे हैं. लोगों ने अपने पार्षदों को काम करने के लिए ही वोट दिया था. छोटू ने कहा कि अब अपने अधिकारों का हनन होते देख पार्षदों को शहर को बर्बाद करने का भाजपा का चरित्र और नगर विकास मंत्री की मंशा का पता चल गया है. यही कारण है कि ये कांग्रेस से सहयोग चाह रहे हैं.

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