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कोडरमा जिले में तीन जगहों पर लगी आग, मची अफरा तफरी 

जिले में फायर ब्रिगेड के पास मात्र एक ही अग्निशमक वाहन है

Koderma : जिले में मंगलवार को तीन अलग- अलग जगहों पर भीषण आग लगने के बाद अफरा तफरी की स्थिति बनी रही. पहली घटना में तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत अड्डी बंगला समीप लगे ट्रांसफार्मर में आग लग गई. ट्रांसफार्मर के आस पास फल के दर्जनों कैरेट रखे हुए थे. आस पास रखे फल के कैरेट में आग पकड़ने से ट्रांसफार्मर में लगी आग ने भीषण रूप ले लिया. घटना से इलाके में अफरा तफरी मच गई.

आग लगने की सूचना स्थानीय लोगों द्वारा फायर ब्रिगेड को दी गई. लेकिन घंटों बीत जाने के बाद फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर नहीं पहुंचा. स्थानीय लोगों ने खुद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया. वहीं, घटना स्थल के निकट दर्जनों दुकान रहने की वजह से आग फैलने का खतरा और भी ज्यादा बढ़ गया.

बता दें कि जिले में फायर ब्रिगेड के पास मात्र एक ही अग्निशमक वाहन है. एक वाहन के भरोसे कोडरमा जिला चल रहा है. वहीं अग्निशमक वाहन मरकच्चो बाहियारडीह वन क्षेत्र जंगल में लगी आग को बुझाने गया हुआ था.

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आग लगने से लाखों की संपत्ति का नुकसान

सतगावां थाना क्षेत्र के उग्रवाद प्रभावित पंचायत कोठियार ग्राम गरदी में एक घर में आग लगने से लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है. गर्दी निवासी कार्तिक भुला पिता स्वर्गीय कारू भुला के खपरैल मकान में आग लग जाने से घर में रखें अनाज 300 किग्रा अरहर, धान, चावल, कपड़ा जरूरी कागजात जलकर खाक हो गए हैं.

जिस समय आग लगी थी उस वक्त घर छोटे-छोटे दो बच्चे ही थे. बड़े लोग होली खेल कर  नहाने  के लिए नदी गए हुए थे. वही आग लगने से घर अंदर फंसे दो बच्चों को गांव के लोगों ने निकाला. जब तक ग्रामीण आग बुझाते मकान पूरी तरह जल चुका था. आग लगने के कारण पता नहीं चल पाया है. परिवार के लोग घटना से काफी दुखी हैं क्योंकि घर के दो कमरा थे और दोनों ही आग में जल चुके हैं.

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जंगल मे आग लगने का सिलसिला जारी, कई पेड़ पौधे जले

मरकच्चो के बरियारडीह वन क्षेत्र अन्तर्गत जंगलों मे गत एक सप्ताह पूर्व से लगातार जंगल मे आग लगने का सिलसिला जारी है. इस समस्या से निपटने के लिए वन विभाग भी बेखबर बना हुआ है. आग लगने की घटना दोपहर बारह बजे हुई जो शाम पांच बजे तक अनवरत जारी रहा.

घटना के समय वन पदाधिकारी से लेकर कर्मी कार्यालय में मौजूद नहीं थे. काफी देर बाद इसकी सूचना वन समिति अध्यक्ष व बरियारडीह पुलिस पिकेट के द्वारा थाना प्रभारी नीतीश कुमार को मिलने पर इसकी सूचना अग्निशामक केंद्र को दी गयी. जानकारी मिलने के बाद दमकल कर्मी आधे घंटा के बाद मौके पर पंहुचे और आग पर काबू पाया गया. समय पर दमकलकर्मी नहीं आते तो बरियारडीह कार्यालय समेत वहां जब्त वाहन लकड़ी गोदाम व फॉरेस्ट गेस्ट हाउस भी आग की लपेटे मे आ सकता था.

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जानकारी अनुसार जंगल मे आग लगने का कारण महुआ चुनने को लेकर बताया जा रहा है. मालूम हो कि महुआ चुनने के क्रम मे लोग पत्तों को इकट्ठा कर उसमें आग लगाते हैं पर उसी आग की चिंगारी से जंगल में आग लग जाने की घटनाएं होती रहती हैं.

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