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#JantaCurfew के एक दिन पहले ही गिरिडीह में पसरा रहा सन्नाटा, जैन तीर्थ मधुबन में पूजा-अर्चना एक माह बंद

Giridih : जनता कर्फ्यू रविवार को है, लेकिन शनिवार को जनता कर्फ्यू का असर देखने को मिला. आम तौर पर लोगों के भीड़ से गुलजार रहने वाले बाजारों की स्थिति थी कि चंद लोग ही नजर आ रहे थे.

जो नजर भी आ रहे थे, वह चेहरे मास्क लगाकर घूम रहे थे. वैसे शनिवार को कोरोना से जहां पूजा-अर्चना का दौर चला, तो वहीं गिरिडीह पुलिस लाइन में भी अब फरियादियों के प्रवेश पर पांबदी लगा दी गयी है.

फरियादी आ रहे थे, तो उनके आवेदनों को मेन गेट पर ही लेकर रोका जा रहा था. यहां तक कि पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को सैनेटाइज किये बगैर एसपी कार्यालय में प्रवेश पर सीधे तौर पांबदी लगी हुई थी.

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एसपी कार्यालय के इंट्री प्वाइंट पर दो जवान पदाधिकारियों के साथ जवानों का थर्मल स्क्रीनिंग और सैनेटाइजर कर घुसने दे रहे थे.

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थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान जिस व्यक्ति के शरीर का तापमान 90 डिग्री दिख रहा था, वैसे लोगों के प्रवेश पर पांबदी थी. वहीं इससे अधिक वाले को तुंरत सदर अस्पताल भेजने की व्यवस्था थी.

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मधुबन आने वालों को वापस भेजा जा रहा

इधर महामारी कोरोना का प्रभाव जैन समाज के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल मधुबन में देखने को मिल रहा है. देश के अलग-अलग राज्यों से सम्मेद शिखर और 24 तीर्थंकरों की पूजा-अर्चना और वंदना के लिए आए तीर्थयात्रियों को अब वापस भेजा जा रहा है.

जानकारी के अनुसार बीते तीन दिनों में महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान के 50 से अधिक तीर्थयात्रियों को वापस भेजा गया है क्योंकि अगले एक माह तक मधुबन के मंदिरों में पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों पर पांबदी लगा दी गयी है.

शनिवार को डीसी राहुल सिन्हा और डुमरी एसडीएम प्रेमलता मुर्मू ने पूरे मधुबन का दौरा किया. इस दौरान दर्जन भर जैन कोठियों के प्रबंधकों के साथ डीसी और एसडीएम ने बैठक भी की जिसमें प्रबंधकों को निर्देश दिये गये कि हर हाल में एक माह तक मधुबन के किसी भी मंदिर में कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं किया जायेगा.

कोठी प्रबंधकों को सूचना देने के निर्देश

कोठी प्रबंधकों के साथ बैठक कर डीसी ने प्रबंधकों को निर्देश दिया कि विदेश व देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों को फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सअप के माध्यम से तत्काल सूचना उपलब्ध करायें कि मधुबन में एक माह तक हर प्रकार के अनुष्ठान पर पांबदी लगायी गयी है.

बैठक के बाद डीसी मधुबन के मंदिरों और कोठियों का दौरा कर वहां के हालात से रुबरु हुए. मधुबन के मंदिरों और कोठियों में कार्यरत कर्मियों और मजदूरों के लिए रविवार से मेडिकल जांच शिविर लगाने का निर्देश डीसी द्वारा दिया गया.

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इधर महिलाओं ने की सामूहिक उपासना

एक तरफ जहां मधुबन के मंदिरों में सर्तकता बरतने के लिए ही धार्मिक अनुष्ठानों पर पांबदी लगायी गयी है वहीं दूसरी तरफ शनिवार को सदर प्रखंड के झरियागादी के दुर्गा मंडप और काली मंडा में महिलाएं सुख-शांति और कोरोना से मुक्ति को लेकर मां दुर्गे की उपासना करती नजर आयीं.

महिलाओं की भीड़ झरियागादी के इन दोनों मंडपो में जुटीं और श्रद्धाभाव के साथ मां आदिशक्ति का आह्वान कर समाज को जानलेवा बीमारी से मुक्ति की प्रार्थना की.

इस दौरान दोनों मंडपो में झरियागादी की मनीषा देवी, गंगिया देवी, अनिता देवी, मीना शर्मा और सोनी देवी समेत कई मौजूद थीं.

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