न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

जामताड़ा एसपी जया रॉय समेत आठ पुलिस अफसरों के खिलाफ एससी-एसटी कोर्ट में शिकायतवाद दर्ज

2,607

Ranchi/Jamtara : महिला सिपाही पिंकी कुमारी ने जामताड़ा एसपी जया रॉय समेत आठ पुलिस अफसरों पर जामताड़ा एससी-एसटी कोर्ट में शिकायतवाद दर्ज कराया है. सिपाही पिंकी ने बताया कि सारी जगह न्याय की आस समाप्त हो जाने के बाद मैंने कोर्ट का सहारा लिया. महिला सिपाही ने जामताड़ा एसपी जया रॉय, डीएसपी पूज्य प्रकाश, महिला दारोगा विजया कुजूर, तत्कालीन निलंबित थाना प्रभारी सुरेंद्र प्रसाद, इंस्पेक्टर हरेंद्र रॉय, अजय कुमार सिंह, तत्कालीन सार्जेंट मेजर अशोक कुमार और सिपाही शशिकांत कुशवाहा के खिलाफ शिकायतवाद दर्ज कराया है. इससे पहले महिला सिपाही डीजीपी, डीसी, सभी के पास मामले की सुनवाई को लेकर अपील कर चुकी थी.

इसे भी पढ़ें- एसपी जया राय ने रंजीत मंडल से कहा था – तुम्हें बच्चे की कसम, बदल दो बयान, कह दो महिला…

Mayfair 2-1-2020

क्या है मामला

पूरा मामला जामताड़ा की उन तीन महिला पुलिसकर्मियों का है, जिनकी ड्यूटी एसपी जया रॉय के आवासीय कार्यालय में लगी थीं. कथित रूप से कार्यस्थल पर ही प्रभारी सार्जेंट मेजर अशोक कुमार और एसपी के रीडर शशिकांत कुशवाहा द्वारा यौन शोषण का शिकार बनीं. शिकायत करने पर जिला के एसपी जया रॉय ने कोई कार्रवाई नहीं की. तब तीनों महिला सिपाही आईजी सुमन गुप्ता के पास पहुंचीं और मामले की शिकायत की. 6 दिसंबर को आईजी सुमन गुप्ता ने जब दोनों आरोपियों को निलंबित कर दिया, तब एसपी की नींद खुली. जैसे ही उन्हें इसकी सूचना मिली, उन्होंने शिकायत की जांच के लिए एक आंतरिक कमिटी का गठन कर दिया. आंतरिक कमिटी ने आरोपियों को क्लीन चिट दे दिया और आंतरिक कमिटी की रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों को डीजीपी के स्तर से निलंबन मुक्त कर दिया गया.

इसे भी पढ़ें- “महिला सिपाही पिंकी का यौन शोषण करने वाले आरोपी को एसपी जया रॉय ने बचाया, बर्खास्त करें”

आंतरिक जांच कमिटी के समक्ष महिला सिपाहियों ने पेश की थी 10 ऑडियो-वीडियो सीडी

आंतरिक जांच कमिटी गठित होने के बाद महिला पुलिसकर्मियों ने 17 दिसंबर 2017 को डीएसपी पूज्य प्रकाश से मिलकर मामले की जानकारी दी थी. लेकिन, उन्होंने इसे लिखित रूप में देने को कहा. तब महिला पुलिसकर्मियों ने 22 दिसंबर 2017 को ही पूरे मामले की जानकारी लिखित रूप में दी. अपने लिखित बयान में महिला पुलिसकर्मियों ने साफ लिखा है कि किस तरह से एसपी के रीडर द्वारा उनका मानसिक और शारीरिक रूप से उत्पीड़न किया गया. लिखित बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि किस तरह रीडर ने उन्हें कॉम्प्रमाइज करने को कहा और नहीं मानने पर ड्यूटी के दौरान अंजाम भुगतने की बात कही गयी. वहीं, इस कमिटी के गठित होने के बाद भी आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस मामले में महिला पुलिसकर्मियों ने 10 सीडी भी आंतरिक जांच कमिटी को सौंपी थी. कमिटी, जिसके प्रिजाइडिंग ऑफिसर खुद एसपी जया राय थीं, उन्होंने आरोपियों द्वारा महिला सिपाहियों को कही गयी भद्दी–भद्दी बातों को सामान्य बातचीत बता दिया. साथ ही, एसपी ने यौन शोषण के साक्ष्य नहीं होने की बात भी अपने निष्कर्ष में लिखा है. पूरे मामले की जांच काफी धीमी चल रही थी. काफी दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं होती देख महिला पुलिसकर्मियों ने एसपी, डीआईजी, आईजी, डीजीपी, मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारियों से भी इसकी शिकायत की थी.

Vision House 17/01/2020
Ranchi Police 11/1/2020

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like