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स्मार्ट मीटर खरीद के टेंडर को लेकर जेबीवीएनएल चेयरमैन से शिकायत, 40 फीसदी के बदले 700 फीसदी टेंडर वैल्यू तय किया

Ranchi: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने स्मार्ट मीटरिंग के लिए सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (सीवीसी) के दिशा-निर्देश के खिलाफ टेंडर जारी किया था. निगम ने लगभग 60 करोड़ के टेंडर में हिस्सा लेने के लिए बिडर्स की वित्तीय क्षमता 400 करोड़ रखा था. इसी को लेकर दिल्ली के मनीष भटनागर ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के चेयरमैन नितिन मदन कुलकर्णी से शिकायत की है. शिकायत में शिकायतकर्ता ने कहा है कि जेबीवीएनएल के शीर्ष अधिकारियों ने चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए स्मार्ट मीटर आपूर्ति के लिए जो टर्न ओवर तय किया है, वो सीवीसी के गाइडलाइन के विरुद्ध है.    

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पिछली बार 40 फीसदी था टेंडर वैल्यू, इस बार 700 फीसदी ज्यादा

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शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में लिखा है कि 2016-17 में भी मीटर खरीदने के लिए विभाग की तरफ से टेंडर निकाला गया था. उस वक्त टेंडर करने वाली कंपनियों को टेंडर वैल्यू का करीब 40 फीसदी टर्न ओवर दिखाने को कहा था. लेकिन  इस बार टेंडर वैल्यू से कंपनियों को करीब 700 फीसदी ज्यादा टर्न ओवर दिखाने को कहा जा रहा है. ऐसा जेबीवीएनएल के कुछ अधिकारी मिलकर कर रहे हैं. शिकायतकर्ता ने टेंडर प्रक्रिया में हुई अनियमितता के लिए जल्द से जल्द से कार्रवाई करने की गुजारिश की है.

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 दिया सीवीसी के गाइडलाइन का हवाला

शिकायतकर्ता ने सीवीसी के नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि बिडर्स के लिए पिछले तीन वर्षों से 400 करोड़ रुपये का सालाना टर्नओवर टेंडर में हिस्सा लेने के लिए अनिवार्य बाध्यता तय की गयी है. जबकि गाइडलाइन के मुताबिक बिडर्स के लिए टेंडर वैल्यू के 40% से अधिक टर्नओवर की बाध्यता निर्धारित नहीं की जा सकती है. जेबीवीएनएल द्वारा निकाले गये टेंडर में टर्नओवर से संबंधित शर्त के कारण टेंडर में कुछ खास कंपनियां ही हिस्सा ले सकेंगी. मीटर बनानेवाली देश की चुनिंदा कंपनियों का टर्नओवर ही पिछले तीन वर्षों से 400 करोड़ है. शिकायतकर्ता ने शिकायत के साथ-साथ सीवीसी नियमों की गाइडलाइन भी जेबीवीएनएल के चेयरमैन को भेजी है.

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