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 राज्य के 95 फीसदी स्कूलों में प्राचार्य नहीं, शिक्षा विभाग वित्तीय अनियमितता को लेकर स्कूलों के प्राचार्यों पर कार्रवाई की तैयारी में

एक ओर जहां शिक्षा विभाग प्राचार्यों पर कार्रवाई करने की बात कर रहा है, वहीं राज्य के स्कूलों में हेड मास्टर के 3226 पद सृजित होने के बाद भी मात्र 130 हेडमास्टर ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 3226 सृजित पदों में से वर्तमान में 3096 पद खाली हैं.

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Ranchi :राज्य के 95 फीसदी स्कूलों में प्राचार्य कार्यरत नहीं है. सभी स्कूल प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे चल रहे हैं. इसके बाद भी शिक्षा विभाग प्राचार्यों और प्रभारी प्राचार्यों पर कारवाई करने की सोच रहा है. दरअसल हाल में हुए शिक्षा विभाग के सोशल ऑडिट में समग्र शिक्षा अभियान में राज्य के कई जिलों में वित्तीय अनियमितता पायी गयी है. समग्र शिक्षा अभियान के तहत निर्गत की गयी राशि का सही हिसाब-किताब नहीं मिल पाया. ऐसी अनियमितता राज्य के दो दर्जन से अधिक स्कूलों में पायी गयी है.  

50 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके प्राचार्यों को मिलेगी अनिवार्य सेवानिवृत्ति

सोशल ऑडिट में पायी गयी गड़बड़ी के बाद विभागीय सचिव एपी सिंह ने राज्य स्तरीय बैठक की. बैठक में ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करने को कहा गया, जहां समग्र शिक्षा अभियान में बड़े पैमाने पर गड़बड़िया पायी गयी है. विभागीय सचिव ने ऐसे प्राचार्यों व प्रभारी प्राचार्यों को निलंबित करने का निर्णय लिया है. साथ ही वैसे प्राचार्य और प्रभारी प्राचार्य जिनकी सेवा के 50 वर्ष हो चुके हैं, उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने का निर्णय लिया जा रहा है.

सोशल ऑडिट में एक दर्जन से अधिक स्कूलों में समग्र शिक्षा अभियान में वित्तीय अनियमितता पायी गयी है. पलामू जिला के राजकीय कृत मध्य विद्यालय किशनपुर और रामगढ़ प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय के अलावा हजारीबाग के ईचाक और कटकमसांडी उत्क्रमिक मध्य विद्यालय में रजिस्टर मेंटेन करने और कार्यक्रम की रूप रेखा स्पष्ट नहीं है.

130 प्राचार्य ही कर रहे हैं काम, 3096 पद खाली 

एक ओर जहां शिक्षा विभाग प्राचार्यों पर कार्रवाई करने की बात कर रहा है, वहीं राज्य के स्कूलों में हेड मास्टर के 3226 पद सृजित होने के बाद भी मात्र 130 हेडमास्टर ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 3226 सृजित पदों में से वर्तमान में 3096 पद खाली हैं. राज्य के 24 जिलों में सात ऐसे जिले हैं, जहां के मिडिल स्कूलों में एक भी स्थायी हेडमास्टर नहीं हैं. इन जिलों में हजारीबाग, चतरा, सरायकेला, लोहरदगा, रामगढ़, साहेबगंज व पाकुड़ शामिल हैं. इसके अलावा प्राइमरी स्कूलों की बात करें तो रामगढ़, कोडरमा, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा व जामताड़ा में एक-एक स्थायी हेडमास्टर ही काम कर रहे हैं.

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