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हत्या के मामले में माले नेता सहित 9 को आजीवन कारावास की सजा

हजारीबाग जिला न्यायाधीश ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

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Hazribagh: हजारीबाग गिद्दी थाना कांड संख्या 9/ 2001 के मामले में गिद्दी मंझला चुंबा निवासी माले नेता सहित 9 लोगों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. फैसला हज़ारीबाग जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय कौशल किशोर झा ने सुनाई. सजा पानेवालों में 62 वर्षीय माले नेता हीरा सिंह, 53 वर्षीय भिखारी साव, लक्ष्मण चौरसिया, जुगनू फौदार उर्फ फौजदार सिंह, दीपा सिंह, देवराज साव, रघुनंदन साव उर्फ़ रघु साव तथा रामकुमार चौरसिया हैं.

2001 की है घटना

घटना 16 फरवरी 2001 की है, जिसमें इन लोगों ने अपने ही गांव के दर्शन साव को पीट-पीट कर अधमरा कर नदी में फेंक दिया था और दर्शन साव की मौत हो गई थी. इन आरोपियों को एक पंचायत में बुलाया गया था जिसमें इन्होंने कहा था कि दर्शन साव का गांव की ही एक महिला के साथ अवैध संबंध है. मारपीट करने के क्रम में दर्शन साव के पेट में गंभीर वार किया गया था. अंततः मरा समझ कर नदी में फेंक दिया.  सबसे बड़ी बात यह रही इस घटनाक्रम में मृतक के परिजनों के सामने इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया था. सभी सजा पानेवाले एक ही गांव के तथा आपस में रिश्तेदार हैं. सभी मुजरिमों को आजीवन कारावास के साथ 15-15 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर 9 माह की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई है. इस मामले में 12 गवाहों एवं 5  प्रदर्श के आधार पर जिला न्यायाधीश ने मामले को सत्य पाते हुए सजा का फरमान जारी किया. मामले में कुल 17 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें 8 लोग साक्ष्य के अभाव में रिहा किये गये. इस मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक अजय कुमार मंडल ने मजबूती से पक्ष रखते हुए अधिकतम सजा की मांग की थी. वहीं बचाव पक्ष की ओर से मनोज कुमार सिन्हा ने बहस की.

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