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वाहनों की पार्किंग बनकर रह गया है जर्जर सरकारी स्‍कूल, यहां पढ़ते हैं 800 बच्‍चे

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Ranchi: शिक्षा की बदहाल व्यवस्था पूरे राज्य में व्याप्त है. विशेषकर सरकारी स्कूलों की स्थिति पर बार-बार प्रश्‍न चिन्ह उठते रहे हैं. इसके बावजूद स्कूलों की स्थिति में कोई देखी जा रही है. यही हाल कांके ब्लॉक के स्थित राज्यकीयकृत प्लस टू विद्यालय का है. कहने को तो यह प्लस टू स्‍कूल है, लेकिन स्कूल भवन का जायजा लेने पर इसकी हकीकत सामने आ जाती है. विद्यालय परिसर में पैर रखते ही जर्जर भवन दिखायी देता है, जहां दोपहिया वाहन और विद्यार्थियों के साइकिल खड़े दिखते हैं. शिक्षकों ने बताया कि स्‍कूल की ये स्थिति कोई नयी नहीं है. कुछ साल पहले बरसात के दिनों में स्‍कूल भवन की छत गिर गयी थी, हालांकि इससे किसी जान माल की हानि तो नहीं हुई थी. लेकिन, इस घटना के संदर्भ में कई बार शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया. इसके बावजूद विद्यालय का मरम्मत कार्य नहीं हो पाया.

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विद्यालय के 5 कमरे जर्जर

विद्यालय प्राचार्य कुर्बान अंसारी ने बताया कि विद्यालय में लगभग 800 विद्यार्थी पढ़ते हैं. अधिक संख्या कला संकाय के विद्यार्थियों की है. ऐसे में विद्यालय के पास काम के लायक मात्र 9 कमरे हैं. पांच कमरे जर्जर होने के कारण उनका कोई उपयोग नहीं किया जा रहा. जबकि विद्यार्थियों की संख्या अधिक और कमरे कम होने के कारण विद्यार्थी समेत शिक्षकों को काफी परेशानी होती है.

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बरसात में टपकते हैं छत

प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय के जो कमरे ठीक दिखायी देते हैं, वह भी दोषपूर्ण है. बरसात के दिनों में यहां छत टपकते हैं. ऐसे में विद्यार्थियों को कमरों में शिफ्ट करके पढ़ाया जाता है. वहीं सर्दी के दिनों में विद्यार्थियों को धूप में बैठाकर पढ़ाया जाता है.

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कई बार लिख चुके हैं पत्र

कुर्बान अंसारी ने बताया कि वे विद्यालय में 2012 से कार्यरत हैं. तब से विद्यालय की स्थिति ऐसी ही देख रहे हैं. इस बारे में उन्होंने कई बार शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया. विभाग की ओर से कई बार विद्यालय भवन निर्माण के लिए राशि देने का आश्‍वासन दिया गया. लेकिन, राशि निर्गत नहीं की गयी. वहीं कई बार डीइओ को भी पत्र लिखा गया है. जिसमें पांच माह पूर्व डीसी सहित डीईओ की टीम ने विद्यालय का निरीक्षण किया, अमीन बुलाकर विद्यालय की माप ली गयी. लेकिन, उसके बाद इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया गया.

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