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डीएमएफटी के तहत खलारी में स्वास्थ्य सुविधाओं पर होगा 80 लाख खर्च

  • शिक्षा के लिए 3.6 करोड़ की योजना
  • डीएमएफटी जिला शासी परिषद् की बैठक में लिया गया निर्णय
  • खलारी प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में ग्रामसभा बुलाकर किया योजनाओं का चयन
  • 60 फीसदी व्यय प्राथमिक सुविधाओं पर

Ranchi: डीएमएफटी रांची जिला शासी परिषद की बैठक शनिवार को की गयी, जिसमें खलारी प्रखंड की योजनाओं पर चर्चा की गयी. बताया गया कि डीएमएफटी फंड से स्वास्थ्य में 80 लाख की योजना तैयार की गयी है, जिसमें बुरमु और खलारी प्रखंड में एक पीएचसी, एक सीएचसी और छह एचएससी में सौर ऊर्जा का अधिष्ठापन कराया जायेगा.

शिक्षा पर 3.6 करोड़ का व्यय किया जायेगा. इसके अंतर्गत लाइब्रेरी निर्माण, स्मार्ट क्लास, विद्यालय की मरम्मति, बाउंड्री वाल, शौचालय निर्माण आदि किया जायेगा.

बैठक उपायुक्त छवि रंजन की अध्यक्षता में की गयी, जिसमें बताया गया कि दिसंबर और जनवरी में खलारी प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में ग्रामसभा का आयोजन किया गया, जिसमें डीएमएफटी के तहत नियमानुसार योजनाओं का चयन किया गया है. बता दें कि जिला में खलारी में माइनिंग एरिया है. ऐसे में फंड सिर्फ खलारी के लिए है.

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कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण दिया जायेगा

बताया गया कि कौशल विकास तथा लाइवलीहुड योजनाओं के तहत केज कल्चर, हस्तकला उत्पादों से संबंधित प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिसमें वाटर ट्रीटमेंट, बॉटलिंग और पैकेजिंग ट्रेनिंग, सैनिटरी पैड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, जूट उत्पाद बनाने के लिए प्रशिक्षण, मधुमक्खी पालन, चश्मे की लेन्स बनाने के लिये प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया.

समाज कल्याण के तहत योजनाओं की जानकारी रजिस्ट्रेशन के लिए एप बनाया जायेगा, जिसमें ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम, आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण आदि किया जायेगा.

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अन्य प्राथमिकताओं में खर्च

इस दौरान बताया गया कि डीएमएफटी फंड का प्राथमिकता के आधार पर खर्च किया जाता है, जिसमें 60 प्रतिशत राषि स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास आदि में खर्च किया जाता है. वहीं अन्य 40 फीसदी सिंचाई, उर्जा समेत अन्य योजनाओं पर खर्च किया जाता है.

अन्य प्राथमिकता क्षेत्र अन्तर्गत पुल, पुलिया, पीसीसी सड़क निर्माण इत्यादि योजनाओं की स्वीकृति दी गयी. इस दौरान सांसद संजय सेठ, मांडर विधायक बंधु तिर्की, उप विकास आयुक्त अन्यन मित्तल समेत अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल रहे.

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