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पानी को तरस रहा कुलडीहा गांव का 80 परिवार, डोभा खोद बुझा रहे प्यास

गांव के पांच चापाकल हैं खराब, दो कुआं भी सूख गया

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Dumka: दुमका जिला में जल स्तर नीचे चले जाने के कारण पेयजल संकट से लोग जूझ रहे हैं. शहर से लेकर गांव तक पानी की मारामारी है. सभी जल स्रोत जवाब दे रहे हैं. ऐसे में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है.

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पानी को तरसता 80 परिवार

जिला के दुमका प्रखंड के दरबारपुर पंचायत में आनेवाले कुलडीहा गांव में पीने के पानी के लिए लोग तरस रहे हैं. चार टोलों में बांटे इस गांव में 80 परिवार रहते हैं. जिसकी कुल जनसंख्या करीब 420 है.

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इस गांव में स्कूल में लगे चापाकल को लेकर कुल सात चापाकल है, जिसमें से केवल दो ही ठीक हैं. जबकि पांच चापाकल कई वर्षों से खराब हैं. जिसकी सुध लेने वाला कोई नही है. गांव में दो कुआं भी है जो पूरी तरह सूख गया है.

ग्रामीण झरना डोभा का पानी पीने के लिय विवश हैं. जिसे ग्रामीणों ने स्वंय मशीन से खुदवाया है. जो कभी भी सुख सकता है.

पानी के लिए करते हैं रतजगा

गांव के निर्मल हेम्ब्रोम बताते हैं कि ग्रामीणों को पेयजल के लिए रतजगा करना पड़ रहा है. आधी रात के बाद से ही लोग पानी की तलाश में इधर-उधर भटकना शुरू कर देते हैं.

नदी, तालाब आदि सूख जाने के कारण पक्षियों को भी प्यास बुझाना मुश्किल हो गया है. अब न तो पहले की तरह कुएं का प्रचलन है और नहीं जगह-जगह पर तालाब ही हैं.

ऐसे में पक्षियों को प्यास बुझाने के लिए परंपरागत जल स्रोत नदी, पोखर, झील आदि की आवश्यकता पड़ती है. लेकिन जिले से गुजरने वाली सभी नदियां लगभग सूख चुकी हैं. ऐसे में पक्षियों की प्यास भी नहीं बुझ रही है.

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जन प्रतिनिधियों ने नहीं ली सुध

शांति हेम्ब्रोम कहती हैं, जल समस्या को लेकर ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जन प्रतिनिधियों से भी की. लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. चुनाव के समय वोट मांगने के लिय सभी उम्मीदवार हाथ जोड़ते हैं, लेकिन जीतने के बाद कोई भी जन समस्याओं का हल नही करते है.
ग्रामीणों ने झारखंड सरकार,प्रशासन व जन प्रतिनिधियो से मांग की है कि जल्द खराब पड़े सभी चापाकलों की मरम्मत की जाये. साथ ही गांव में पानी टंकी लगवाया जाये और कुछ नये चापाकल लगावाये जाये.

गांव में कहां-कहां है चापाकल खराब
(1)लातार टोला में ओलोन सोरेन के घर का चापाकल करीब एक वर्ष से खराब है.
(2)मारीडीह टोला में लुबिन के घर के सामने का चापाकल दो वर्षो से बेकार है.
(3)मारीडीह टोला में ही स्कूल का चापाकल भी खराब है, जो थोड़ा पानी आने के बाद बंद हो जाता है, लगातार पानी नहीं आता है.
(4) रासीडीह टोला में रामेश्वर टुडू के घर के सामने का चापाकल करीब दो वर्ष से खराब है. थोड़ा पानी आने के बाद बंद हो जाता है,लगातार पानी नहीं आता है.
(5)सितुग टोला में भी अर्जुन मुर्मू के घर के सामने का चापाकल भी कई महीनों से खराब है. जो थोड़ा पानी आने के बाद बंद हो जाता है, लगातार पानी नहीं आता है.

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