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नियुक्ति वर्ष में 784 कर्मियों की छीनी जायेगी नौकरी, आंदोलन की अब है तैयारी

Ranchi: राज्य सरकार ने 2021 को नियुक्ति वर्ष के तौर पर टारगेट किया है. बेरोजगारों को नौकरी दिये जाने की योजना है. 5 लाख युवाओं को इस साल इसमें शामिल किये जाने का लक्ष्य है. पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में इसके उलट तस्वीर है. कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे 1118 कर्मियों के पास महज दो हफ्ते बचे हैं. इस महीने तक ही वे अपनी सेवाएं दे पायेंगे. इसके बाद नये सिरे से विभाग के पीएमयू (प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट) के लिये नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होनी है. उसमें लगभग 800 पद (784) समाप्त होने की आशंका बन गयी है. यानि की 332 कर्मियों को ही पीएमयू में सेवा का मौका मिलेगा. नियुक्ति वर्ष में बेरोजगार होने की आशंका के कारण कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों में बेचैनी शुरू है. एसबीएम (ग्रामीण) के अनुबंध कर्मचारी महासंघ, झारखंड ने सरकार से गुहार लगानी शुरू कर दी है कि जो कर्मी कार्यरत हैं, उनकी सेवा आगे भी एसबीएम और जल जीवन मिशन स्कीम में बनाये रखी जाये.

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मार्च में समाप्त हो गयी थी अवधि

स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम, ग्रामीण) में मुख्यालय, जिले से लेकर ब्लॉक लेवल तक 1100 से अधिक कर्मी संविदा पर सेवा दे रहे हैं. पूर्व में उनकी सेवा अवधि मार्च 2021 में ही समाप्त हो रही थी. पर जरूरतों को देखते हुए उन्हें पेयजल विभाग (एसबीएम, ग्रामीण) की निदेशक नैंसी सहाय की ओर से 3 महीने का अवधि विस्तार दिया गया. इस आधार पर जून माह के अंत तक एसबीएम कर्मी अपनी सेवाएं देंगे.

 

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केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के फेज-1 प्रोग्राम को अब समाप्त कर दिया है. अगले चरण में जल जीवन मिशन और सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट सहित कई अन्य बिंदुओं पर कार्य किया जाना है. जल जीवन मिशन के लिये 2024 तक विशेष प्रोग्राम चलेगा. इसके तहत हर घर में वाटर कनेक्शन मुहैया कराये जाने का लक्ष्य है. इस आधार पर अब सरकार नये सिरे से 2024 तक के लिये विभिन्न पदों पर कर्मियों की नियुक्ति करने की तैयारी में है. पीएमयू (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड) के लिये इसी अवधि पर कर्मी रखे जाने का विचार है. अभी तक जो योजना बनायी गयी है, उसके मुताबिक पदों की संख्या 332 तक सीमित की जा रही. जबकि पूर्व में एसबीएम फेज-1 में यह 1118 तक था. अब जबकि जल जीवन मिशन और सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट का प्रोग्राम है तो कर्मियों की संख्या कम कर दी गयी है.

 

एसबीएम फेज-2 के लिये होने वाली नियुक्ति के दौरान एसबीएम फेज-1 में पहले से कार्यरत कर्मचारियों को ही शामिल होने का मौका मिलेगा. हालांकि उन्हें मेरिट लिस्ट में तीन अंकों का ही लाभ मिलना है. लिखित परीक्षा के अलावा इंटरव्यू होगा. रिटायर्ड कर्मियों के लिये सृजित पदों को छोड़कर बाकी पदों पर नियुक्ति लिखित परीक्षा के माध्यम से ली जायेगी.

क्या कहता है संघ

अनुबंध कर्मचारी महासंघ के महासचिव कौसर आजाद के मुताबिक पीएमयू के पुनर्गठन की तैयारी है. एसबीएम के कर्मियों को केंद्र सरकार के निदेशित अगले चरण में भी यथावत बनाये रखना चाहिये. 2014 में नियुक्त हजारों कर्मी अब तक पूरी निष्ठा से अपना काम कर रहे, साथ ही परिवार का पालन पोषण भी. 24 फरवरी, 2021 को पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय, भारत सरकार ने सभी राज्यों के सीएस को एक लेटर लिखा था. कहा था कि पूर्व से कार्यरत कर्मियों को नियोजित करते हुए शेष नये सृजित पदों पर ही नियुक्ति हो. राज्य सरकार इसी निर्णय के आलोक में आगे बढे.

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