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76 हजार सेविका-सहायिकाओं को पिछले दो महीनों से नहीं मिला वेतन

मई अंतिम सप्ताह में जिलों को जारी किया गया वेतन संबंधी आवंटन, फिर भी भुगतान नहीं

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Ranchi : झारखंड के 38432 आंगनबाड़ी केंद्रों की सहायिका और सेविका को दो माह से वेतन नहीं मिला है. 11 मार्च में लागू हुए आदर्श आचार संहिता की वजह से महिला और बाल विकास विभाग की तरफ से सभी संबंधित जिलों को मानदेय संबंधी आवंटन ही नहीं भेजा गया.

26 मई को आदर्श आचार संहिता हटायी गयी. इससे केंद्रों में काम करनेवाली 76 हजार से अधिक सेविका व सहायिका को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सरकार की तरफ से काफी कम मानदेय सेविका और सहायिका को दिया जाता है.

जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी सेविका को 4500 रुपये और सहायिका को 36 सौ रुपये विभाग की तरफ से दिये जाते हैं. यह राशि जिला समाज कल्याण पदाधिकारी के पास विभाग की तरफ से प्रति आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत सेविका और सहायिकाओं की संख्या के आधार पर भेजा जाता है.

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मानदेय बढ़ाने और इसे समय पर देने के लिए होता रहा है आंदोलन

झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका महासंघ की तरफ से मानदेय बढ़ाने और समय पर इसका भुगतान किये जाने को लेकर लगातार आंदोलन किया जाता रहा है. हरेक विधानसभा सत्र में इसको लेकर प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन धरना तक दिया जाता रहा है.

महासंघ की तरफ से पारा शिक्षकों की तरह ही मानदेय दिये जाने पर विचार करने की मांग की जा रही है. सरकार के स्तर पर इससे संबंधित नीतिगत निर्णय लंबित हैं.

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क्या कहते हैं विभाग के निदेशक

विभाग के निदेशक मनोज कुमार का कहना है कि सेविका और सहायिका का मानदेय संबंधी आवंटन सभी जिलों में भेज दिया गया है.

उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर भुगतान हुआ है अथवा नहीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गयी है. उनका कहना है कि 30 मई को सभी जिलों में मानदेय संबंधी आवंटन भेजा जा चुका है.

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