न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सालाना पौधारोपण पर 75 करोड़ का खर्च,अब परियोजनाओं के लिए काटे जायेंगे 9.50 लाख पेड़

राज्य गठन के बाद से अब तक 45 करोड़ हो चुका है पौधारोपण, विभाग का दावा वन क्षेत्र में हुई वृद्धि, देहरादून फॉरेस्ट इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार, नौ जिलों के वन क्षेत्र में अब तक नहीं हुई है एक इंच की वृद्धि

1,999

Ranchi: राज्य सरकार के विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए वन विभाग ने 9.50 लाख पेड़ काटने की अनुमति दी है. इससे पहले रांची-टाटा रोड, खनन क्षेत्र, पथ निर्माण सहित अन्य परियोजनाओं के लिए 50 हजार से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं. वन विभाग हर साल पौधारोपण पर लगभग 75 करोड़ रुपये खर्च करता है. राज्य गठन से लेकर अब तक वन विभाग लगभग 45 करोड़ पौधे लगा चुका है.

45 करोड़ पौधारोपण, नौ जिलों के वन क्षेत्र में वृद्धि नहीं

राज्य गठन के बाद अब तक 45 करोड़ पौधे लगाये जा चुके हैं. इसके बावजूद नौ जिलों के वन क्षेत्र में एक इंच की भी वृद्धि नहीं हुई है. इसका खुलासा देहरादून फॉरेस्ट इंस्टीट्यूट की सर्वे रिपोर्ट में हुआ है. जबकि वन विभाग ने दावा किया है कि वन क्षेत्र में 947 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है. वहीं झारखंड का वन क्षेत्र राष्ट्रीय मानक से पांच फीसदी कम है. राष्ट्रीय मानक 33.5 फीसदी है जबकि झारखंड में 29.61 फीसदी वन क्षेत्र है.

एक पौधे की कीमत तीन से 15 रुपये

पौधारोपण के तहत लगाये जाने वाले छोटे पौधों की कीमत तीन रुपये और तीन से चार-फीट तक के पौधों की कीमत 15 रुपये प्रति पौधा है. वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जितने पौधे लगाये जाते हैं उसमें 30 से 40 हजार पौधे जीवित नहीं रहते. इसकी सही तरीके से मॉनिटिरिंग भी नहीं की जाती है.

किस जिले में कितने फीसदी वन क्षेत्र की कमी

रांची(-8 फीसदी), बोकारो(00 फीसदी), धनबाद(00 फीसदी), दुमका(-3 फीसदी),गिरिडीह(-7 फीसदी),कोडरमा(00 फीसदी), लोहरदगा(00 फीसदी), पाकुड़(-1 फीसदी) और पश्चिम सिंहभूम(-2 फीसदी). जबकि साहेबगंज, चतरा, देवघर व पूर्वी सिंहभूम में सिर्फ एक फीसदी की वृद्धि हुई है.

इसे भी पढ़ेंः जिस उग्रवादी सरगना राजू साव की वजह से गयी थी योगेंद्र साव की कुर्सी वो अब बीजेपी में, रघुवर के साथ तस्वीर वायरल

इसे भी पढ़ेंः राज्य के 110 प्रखंड बैकवर्ड घोषित

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: