न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

कल से 70 हजार पुलिसकर्मी करेंगे आंदोलन, लगायेंगे काला बिल्ला

तीनों संघों के पदाधिकारियों और पुलिस विभाग के वरीय अधिकारियों के बीच हुई वार्ता विफल

1,876

Ranchi: झारखंड पुलिस एसोसिएशन, झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन तथा झारखंड पुलिस चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ की पुलिस महानिदेशक के साथ हुई वार्ता विफल हो गयी. तीनों संघों के नेताओं ने कहा है कि कल से राज्य भर से 70,000 पुलिसकर्मी आंदोलन करेंगे. तीनों संघों के प्रतिनिधयों की सोमवार को पुलिस मुख्यालय में झारखंड पुलिस के आलाधिकारियों के साथ बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता झारखंड के पुलिस महानिदेशक ने की. इस बैठक में उपरोक्त तीनों संघों के प्रतिनिधियों के अलावा पुलिस मुख्यालय के सभी उपमहानिरीक्षक, महानिरीक्षक एवं अपर पुलिस महानिदेशक स्तर के पदाधिकारी के साथ ही पुलिस महानिदेशक मुख्यालय एवं अपर पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग उपस्थित थे. साथ ही साथ गृह विभाग के विशेष सचिव इकबाल आलम अंसारी भी उपस्थित थे.

कल से काला बिल्ला लगा कर करेंगे काम

पुलिस संघों और आलाधिकारियों के बीच सात सूत्री मांगों को लेकर एक वार्ता हुई. इस बातचीत में दोनों पक्ष एक दूसरे सहमत नहीं हो पाये और वार्ता विफल हो गयी. तीनों संघ के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि कल से तीन दिनों तक सभी पुलिसकर्मी काला बिल्ला लगा कर काम करेंगे. उसके बाद आंदोलन को आगे बढ़ाया जायेगा.

hosp3

तीन चरणों में होगा आंदोलन

झारखंड पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से झारखंड सरकार के खिलाफ अपनी सात सूत्री  मांगों को लेकर आंदोलन में जाने का निर्णय ले लिया है. आंदोलन की रणनीति दोनों एसोसिएशन की बैठक में तैयार कर ली गई है. इसके तहत जहां प्रथम चरण में 12 से 14 फरवरी 2019 तक सिपाही संवर्ग से पुलिस निरीक्षक तक के सभी पुलिसकर्मी अपने वर्दी में काला बिल्ला लगाएंगे, वहीं दूसरे चरण में 20 फरवरी को सभी जिलों के पुलिसकर्मी अपने -अपने एसपी कार्यालय के समक्ष उपवास पर बैठेंगे. जबकि उनकी केंद्रीय टीम झारखंड पुलिस मुख्यालय के सामने उपवास पर बैठेगी. उस दिन राजभर के सभी पुलिसकर्मी उपवास रख कर बिना भोजन किए अपनी ड्यूटी करेंगे. तीसरे चरण में यदि उपरोक्त दो चरणों के कार्यक्रम के बावजूद सरकार दोनों संघों की मांगों को पूरा नहीं करती है तो 28 फरवरी से 4 मार्च तक राज्य के सभी कनीय पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिसकर्मी 5 दिनों के सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे.

क्या है सात सूत्री मांगें

1-  झारखंड पुलिस एसोसिएशन और मेंस एसोसिएशन राज्य सरकार के द्वारा की जा रही सिपाही से सीधे एसआई की भर्ती को रद्द करने की मांग कर रही है. एसोसिएशन के अनुसार अगर सिपाही को सीधे दारोगा बना दिया जाएगा तो कई लोगों का प्रमोशन बाधित हो जाएगा.
2-  मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक कार्यक्रम के दौरान घोषणा की थी कि राज्य के पुलिसकर्मियों को 13 माह का वेतन दिया जायेगा. मुख्यमंत्री की घोषणा के 2 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक यह व्यवस्था सरकार की तरफ से लागू नहीं की गई.
3- सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप पुलिसकर्मियों के मिलने वाले भत्ते तथा वर्दी भत्ता, राशन मनी, धुलाई भत्ता, भोज भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में 25% अतिरिक्त भत्ता एवं अन्य सभी भत्तों को निरंतर से लागू किया जाए तथा अपराध अनुसंधान विभाग, विशेष शाखा, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में पदस्थापित पुलिसकर्मियों को राज्य के जिला/ इकाई में पदस्थापित पुलिसकर्मियों की तरह वर्दी भत्ता दिया जाए.
4- एसीपी/एमएसीपी कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए तथा एसीपी के लिए काल गणना नियुक्ति की तिथि में की जाए. प्रशिक्षण की तिथि से गणना करने की नियमावली को संशोधित किया जाए.
5- शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रित पुत्र की नौकरी हेतु निर्धारित उम्र सीमा में अन्य आश्रितों की तरह अधिकतम उम्र सीमा की छूट दी जाए एवं आश्रित परिजनों को मिलने वाली राशि में से 25 % उसके माता पिता को दी जाए.
6- नई पेंशन नियमावली की जगह पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाए.
7- वरीय पुलिस पदाधिकारियों की तरह कनीय पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाए तथा प्रतिपूर्ति की नियमावली को सरल बनाया जाए.

इसे भी पढ़ें – फेल नजर आता डीजीपी द्वारा शुरु ‘पुलिस आपके द्वार कार्यक्रम’, बढ़ते क्राइम के आंकड़ें खोल रहे पोल

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: