न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सात सूत्री मांग को लेकर राज्य के 70 हजार पुलिसकर्मियों ने भूखे रहकर की ड्यूटी

1,911

Ranchi: सातसूत्री मांग को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन, झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन और झारखंड पुलिस चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ अपील पर राज्य भर के 70 हजार पुलिसकर्मियों ने भूखे रहकर ड्यूटी की. इस दौरान तीनों संघों के केंद्रीय पदाधिकारी एवं विशेष शाखा, अपराध अनुसंधान विभाग, झारखंड जगुआर, इंडियन रिजर्व बटालियन, बिततू शाखा, अग्निशमन के साथ पुलिस मुख्यालय के पदाधिकारी एवं कर्मी पुलिस मुख्यालय झारखंड रांची के समकक्ष सामूहिक उपवास पर बैठे. सभी पुलिसकर्मियों ने एक स्वर में अपनी मांगों का समर्थन किया और कहा कि हम सभी मांगों के पूरा होने तक आंदोलन जारी रखेंगे.

मांग पूरी नहीं हुई, तो 27 से जायेंगे सामूहिक अवकाश पर  

बुधवार को आंदोलन के द्वितीय चरण का एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम शुरू हुआ. आज सुबह 10:00 बजे से ही सभी प्रतिनिधि उत्साह पूर्वक कार्यक्रम में शामिल हुए. और भूखे पेट रहकर शाम 7:00 बजे तक डटे रहे. तीनों संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि हमारी सात सूत्री मांग पूरी नहीं होती है तो तीसरे चरण के आंदोलन के तहत 27 फरवरी की रात्रि 12 बजे से 4 मार्च तक के लिए 5 दिनों का सामूहिक अवकाश शुरू किया जायेगा.

 पुलिस महानिदेशक के साथ विफल हो गयी थी वार्ता  

बता दें कि 11 फरवरी को पुलिस मुख्यालय में झारखंड पुलिस एसोसिएशन,  झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन तथा झारखंड पुलिस चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ की पुलिस महानिदेशक के साथ हुई वार्ता विफल हो गयी थी. तीनों संघों के प्रतिनिधियों की पुलिस मुख्यालय में झारखंड पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी. जिसकी अध्यक्षता झारखंड पुलिस महानिदेशक ने की थी. लेकिन वार्ता विफल हो गयी थी.

 क्या हैं पुलिसकर्मियों की मांगे

  • राज्य सरकार द्वारा की जा रही सिपाही से सीधे एसआई की भर्ती को रद्द किया जाये. एसोसिएशन के अनुसार अगर सिपाही को सीधे दारोगा बना दिया जाएगा, तो कई लोगों का प्रमोशन बाधित हो जायेगा. 
  • मुख्यमंत्री रघुवर दास ने घोषणा की थी कि राज्य के पुलिसकर्मियों को 13 माह का वेतन दिया जायेगा. मुख्यमंत्री की घोषणा के 2 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक यह व्यवस्था सरकार की तरफ से लागू नहीं की गयी.
  • सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के अनुरूप पुलिसकर्मियों को मिलने वाले भत्ते तथा वर्दी भत्ता, राशन मनी, धुलाई भत्ता, भोज भत्ता, प्रशिक्षण भत्ता, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में 25% अतिरिक्त भत्ता जोड़ा जाये. अन्य सभी भत्तों को निरंतर लागू किया जाये तथा अपराध अनुसंधान विभाग, विशेष शाखा, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में पदस्थापित पुलिसकर्मियों को राज्य के जिला/ इकाई में पदस्थापित पुलिसकर्मियों की तरह वर्दी भत्ता दिया जाये.
  • एसीपी/एमएसीपी के लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए तथा एसीपी के लिए काल गणना नियुक्ति की तिथि में की जाये. प्रशिक्षण की तिथि से गणना करने की नियमावली को संशोधित किया जाये.
  • शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रित पुत्र की नौकरी हेतु निर्धारित उम्र सीमा में अन्य आश्रितों की तरह अधिकतम उम्र सीमा की छूट दी जाये एवं आश्रित परिजनों को मिलने वाली राशि में से 25 % उसके माता पिता को दी जाये.
  • नई पेंशन नियमावली की जगह पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाये. 
  • वरीय पुलिस पदाधिकारियों की तरह कनीय पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाये तथा प्रतिपूर्ति की नियमावली को सरल बनाया जाये.

इसे भी पढ़ेंः 4जी के जमाने में मेदिनीनगर सेंट्रल जेल की सुरक्षा में लगे 2जी के जैमर, कैसे रुकेगी रंगदारी मांगने की घटनाएं?

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: