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प्रभारी प्राचार्य के भरोसे राज्य के 70 फीसदी कॉलेज

जेपीएससी ने 38 कॉलेजों में नियुक्त नहीं किए प्राचार्य

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Ranchi: राज्य के 70 फीसदी कॉलेजों को प्राचार्य नहीं मिल पाया है. और ये कॉलेज प्रभारी प्राचार्य के भरोसे चल रहे हैं. झारखंड में कॉलेजों की कुल संख्या 136 है, इसमें 72 अंगीभूत कॉलेज एवं 64 कॉलेज एफिलेटेड हैं. पूरे प्रदेश के कॉलेजों में लगभग 70 फीसदी प्रभारी प्राचार्य के माध्यम से चल रहे हैं. जहां तक एफिलेटेड कॉलेजों की बात हैं, वहां पर विश्वविद्यालय स्तर या कॉलेज की संस्था के माध्यम से कॉलेज के प्राचार्य बहाल किये जा सकतें हैं.

दो सालों से 70 फीसदी कॉलेजों में स्थानी प्रिंसिपल नहीं

लेकिन अंगीभूत कॉलेजों में प्राचार्य की बहाली की प्रक्रिया झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से की जाती है. 72 कॉलेजों में से मात्र 34 कॉलेजों में स्थायी प्राचार्य हैं, जबकि राज्य के 38 कॉलेजों प्रभारी प्राचार्य के भरोसे चल रहे हैं. जेपीएससी ने गत वर्ष 24 प्रिंसिपल्स की बहाली आयोग के माध्यम से की गई. लेकिन उसके बाद आयोग की ओर से इस दिशा में कोई पहल नहीं की गयी. आंकड़ों के अुनसार, विगत दो वर्षो से राज्य के 70 फीसदी कॉलेज का भार प्रभारी प्राचार्यों पर है.

वहीं राज्य के 8 विश्वविद्यालयों के अंर्तगत आनेवाले 72 कॉलेज अंगीभूत हैं, इसमें से किसी विश्वविद्यालय ने अबतक उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को प्राचार्यो की रिक्तियों का ब्यौरा नहीं दिया, इस वजह से कॉलेजों को स्थायी प्रिंसिपल नहीं मिल पाये हैं. जेपीएससी ने दिशा में पहले चरण में 24 रिक्तियों के चयन प्रक्रिया की. लेकिन विभाग से सूची नहीं मिलने के कारण इन रिक्तियों पर आयोग द्वारा कोई पहल नहीं की जा सकी है.

प्रभारी प्राचार्यों के कारण कॉलेजों का रूका विकास

प्रभारी प्रचार्यों के कारण इन कॉलेजों के विकास रूक गये हैं. नैक मूल्यांकन के दौरान प्रभारी प्रचार्य को विशेष महत्व नहीं दिया जाता है. इस वजह से इन कॉलेजों को कई अनुदानों से वंचित होना पड़ता है. प्रभारी प्रिंसिपल कॉलेज के वरीय प्रोफेसर होते हैं इस वजह से कॉलेज कार्य में उन्हें वित्त एवं अन्य शिक्षण कार्यो में समस्या आती है.

आरयू के अंर्तगत आने वालों कॉलेजों का हाल भी है बेहाल

झारखंड की राजधानी में स्थिति रांची विश्वविद्यालय (आरयू) के अंर्तगत आने वाले कॉलेजों का हाल भी बेहाल है. आरयू के अंर्तगत कुल 13 अंगीभूत कॉलेज हैं, इसमें मारवाड़ी कॉलेज, रांची विमेश कॉलेज, जेएन कॉलेज धुर्वा, डोरंडा कॉलेज, एसएस मेमोरियल कॉलेज, मांडर कॉलेज एवं सिसई कॉलेज को छोड़ सारे कॉलेज प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे चल रहे हैं. इससे भी खराब स्थिति राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के अंर्तगत आनेवाले कॉलजों की है.

विभाग ने नहीं दिया है रिक्त पदों का ब्यौरा- जेपीएससी

जेपीएससी के सचिव जगजीत सिंह ने कहा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने कॉलेज प्राचार्य की रिक्त पदों की सूची आयोग को उपलब्ध नहीं करायी है. इस वजह से आयोग द्वारा इस दिशा में पहल नहीं की जा रही है. विश्वविद्यालय प्राचार्यो की रिक्तियों से संबंधित जानकारी विभागा को देंगे, तभी इस दिशा में आयोग पहल कर सकता है.

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