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6 महीने बाद भी बेकार पड़ी है 70 लाख की ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन

Ranchi : राजधानी के दूसरे सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल सदर हॉस्पिटल सुपरस्पेशियलिटी कैंपस में ब्लड बैंक खोला गया है. जिससे भले ही खून की जरूरत पड़ने पर मरीजों को मिल जा रहा है. लेकिन आज भी ब्लड की प्रोसेसिंग के लिए रिम्स की ही दौड़ लगानी पड़ रही है. वहीं कंपोनेंट्स के लिए भटकने के अलावा कोई चारा नहीं है, चूंकि सदर हॉस्पिटल में लगाई गई 70 लाख की ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन 6 महीने से यूं ही पड़ी है. जिसका आजतक इस्तेमाल ही नहीं हो पाया है. अब इसका खामियाजा इलाज के लिए आने वाले मरीज भुगत रहे हैं. वहीं सबसे ज्यादा परेशानी थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया से ग्रसित मरीजों को झेलनी पड़ रही है.

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छह महीने पहले मंगाई गई थी मशीन

रांची के सदर हॉस्पिटल में छह महीने पहले ही ब्लड सेपरेटर मशीन मंगाई गई थी. साथ ही इसके इंस्टालेशन को लेकर सिविल वर्क भी शुरू करा दिया गया था. लोगों को उम्मीद थी कि अब उन्हें प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और ब्लड कंपोनेंट्स की जरूरत पड़ने पर कहीं और जाने की जरूरत नहीं होगी. लेकिन मशीन के चालू होने में देरी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है.

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रिम्स भेजा जाता है होल ब्लड

अभी ब्लड प्रोसेसिंग के लिए सदर हॉस्पिटल से हर दिन रिम्स भेजा जाता है. इसके लिए एक स्टाफ को ड्यूटी में लगाया जाता है. ग्रुप मैच कराने से लेकर कंपोनेंट अलग करने के लिए भी ब्लड रिम्स भेजा जाता है. इस चक्कर में प्रोसेसिंग होने तक मरीजों के पास इंतजार करने के अलावा कोई चारा नहीं है. वहीं ब्लड आने के बाद मरीजों को ब्लड चढ़ाया जाता है. गर्भवती महिलाओं के लिए भी ब्लड प्रोसेसिंग कराने में देर हो जा रही है.

प्लाज्मा, प्लेटलेट्स के लिए निर्भर

ब्लड कंपोनेंट्स की सुविधा सदर के ब्लड बैंक में फिलहाल उपलब्ध नहीं है. इसके लिए रिम्स व प्राइवेट ब्लड बैंकों पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है. डिमांड अधिक होने के कारण रिम्स से भी लोगों को कंपोनेंट्स समय पर नहीं मिल पा रहा. मशीन चालू हो जाने से प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और पैक्ड सेल के लिए कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ती. लेकिन अधिकारियों के सुस्त रवैये और विभाग की लापरवाही से आज भी कंपोनेंट्स के लिए लोग दूसरे ब्लड बैंकों पर ही निर्भर है.

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इस मामले में सदर हॉस्पिटल सुपरस्पेशियलिटी के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ एस मंडल का कहना है कि अभी सेपरेटर मशीन चालू नहीं है. इसका काम चल रहा है. जल्द ही लोगों को इसकी सुविधा मिलने लगेगी.

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