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6th JPSC : PT पास 17317 छात्रों की बढ़ी परेशानी, आयोग को चाहिए ऑफलाइन कास्ट सर्टिफिकेट, जो सरकार देती ही नहीं

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Ranchi : जेपीएससी छठी सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हो रहे एसटी/एससी/ओबीसी अभ्यर्थी एक बार फिर परेशान हैं. परेशानी की वजह इस बार भी आयोग का एक निर्णय है. जेपीएससी ने प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का रिजल्ट लंबे इंतजार के बाद जारी किया था. अब मुख्य परीक्षा के लिए सभी पीटी पास छात्रों को ऑफलाइन फॉर्म भरने को कहा गया है. पीटी में पास हुए आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों से जेपीएससी ने अपने प्रपत्र विशेष (ऑफलाइन) के माध्यम से जाति प्रमाणपत्र मुख्य परीक्षा के ऑफलाइन आवेदन के साथ जमा करने को कहा है. अब परेशानी यह है कि जेपीएससी ने जिस प्रपत्र के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र जमा करने को कहा है, वह सरकार द्वारा निर्गत ऑनलाइन प्रमाणपत्र के साथ मेल नहीं खा रहा. इसको लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

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ऑफलाइन जाति प्रमाणपत्र बनाने पर सरकार ने लगा रखी है रोक

अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार के स्तर से ही ऑफलाइन जाति प्रमाणपत्र बनाने पर रोक लगायी गयी है. जबकि, जेपीएससी ने विशेष प्रपत्र (ऑफलाइन) के माध्यम से जाति प्रमाणपत्र जमा करने का निर्देश दे रखा है. आयोग के इस निर्देश की वजह से पीटी पास कई अभ्यर्थी जेपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का फॉर्म भरने से वंचित रह जायेंगे. आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 14 सितंबर है. बता दें कि मुख्या परीक्षा में एसटी के 9005, एससी के 3463, बीसी-1 के 2771 और बीसी-2 के 2078 अभ्यर्थियों को शामिल होना है. यानी आरक्षित वर्गों के कुल 17 हजार 317 अभ्यर्थियों के छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा में शामिल होने पर संशय की स्थिति बनी हुई है.

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आयोग को जैसा प्रपत्र चाहिए, वैसा सरकार नहीं करती निर्गत

जेपीएससी ने आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों से जैसे प्रपत्र में जाति प्रमाणपत्र की डिमांड की है, वैसा प्रमाणपत्र ऑनलाइन निर्गत प्रमाणपत्रों से मेल नहीं खाता है. साथ ही, सरकार के आदेश के अनुसार कोई भी जिला ऑफलाइन प्रमाणपत्र निर्गत नहीं करता है. लेकिन, आयोग के निर्देश के हिसाब से आरक्षण का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थियों को उसी प्रपत्र में जाति प्रमाणपत्र चाहिए. इस वजह से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी छठी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं.

जेपीएससी को इस प्रपत्र में चाहिए जाति प्रमाणपत्र.

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34,600 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

छठी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में कुल 34,600 अभ्यर्थियों को शामिल होना है. छठी सिविल सेवा पीटी का रिजल्ट तीसरी बार जारी किया गया है. तीसरी बार रिजल्ट स्केलिंग के तहत जारी किया गया है, जिसमें जेनरल कैटेगरी के अभ्यर्थियों के लिए 40 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 36.5, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 34 प्रतिशत और एसटी-एससी व महिला के लिए 32 प्रतिशत न्यूनतम अंक तय किये गये थे.

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29 जनवरी को होनी थी मुख्य परीक्षा, 24 जनवरी को कर दी गयी थी स्थगित

उल्लेखनीय है कि छठी जेपीएससी मुख्य परीक्षा का आयोजन 29 जनवरी 2018 को ही किया जाना था. छात्र संघ और विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायकों के हंगामा करने के बाद 24 जनवरी की शाम मुख्य परीक्षा स्थगित होने का नोटिस जारी कर दिया गया था. भाजपा के विधायक राधाकृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री से जेपीएससी मुख्य परीक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था, जिसके बाद मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी गयी. इसके बाद मुख्य परीक्षा की नयी तिथि की घोषणा अभी तक नहीं की गयी है.

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