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6th JPSC : नयी मेरिट लिस्ट में पेंच हैं हजार, आसानी से हल नहीं होगा ये मसला

आयोग की गोपनीयता हो चुकी है भंग, पब्लिक डोमेन में हैं उम्मीदवारों के मार्क्स

Rahul Guru

Ranchi : झारखंड हाइकोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) को छठी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में नियुक्त 326 अभ्यार्थियों की नियुक्ति रद्द करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने आयोग को कहा है कि वह 8 हफ्ते के भीतर नयी मेरिट लिस्ट जारी करे. जस्टिस एसके द्विवेदी की एकलपीठ ने सभी पक्षों की सुनवाई पूरी करने के बाद 11 फरवरी, 2021 को फैसला सुरक्षित रख लिया था. फैसला 7 जून, 2021 को सुनाया.

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आयोग से जुड़े विशेषज्ञों और अभ्यर्थियों का मानना है कि फिर से नयी मेरिट लिस्ट जारी करना आयोग के लिए आसान नहीं होगा.

जानिए क्यों नहीं होगा आसान

इसे इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि कोई भी अभ्यर्थी सभी विषयों में पास है लेकिन कटऑफ मार्क से, 1 नम्बर कम रहा होगा तो उसका चयन इंटरव्यू के लिए नहीं हुआ. वहीं दूसरी ओर ऐसे अभ्यर्थी होंगे जो एक या दो विषय में फेल होंगे, लेकिन कुल अंक कटऑफ से ऊपर है तो उसका चयन हो गया होगा. ऐसे में मेरिट बनाना असंभव हो जायेगा.

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 इस तरह से किया जायेगा जजमेंट का अनुपालन

Step 1. सबसे पहले मेरिट लिस्ट रद्द.

Step 2. मेन्स परीक्षा से उन अभ्यर्थियों की सूची छांटी जायेगी जिन्होंने अपने-अपने वर्ग के अनुसार सभी विषयों (हिन्दी-इंग्लिश सहित) में minimum qualifying marks प्राप्त किया है.

Step 3. फिर उनके मार्कशीट में पेपर 1 को छोड़कर बाकी सभी विषयों के कुल प्राप्तांक जोड़े जायेंगे.

Step 4. फिर नये रूप से मेन्स की मेधा सूची बनेगी. (refer clause 14 of the advertisement.)

Step 5. फिर जो लोग पहले इंटरव्यू नहीं दिये हुए हैं, उनका इंटरव्यू लिया जायेगा.

Step 6. अन्ततः मेन्स प्लस इंटरव्यू के आधार पर नया मेधा क्रम बनाया/प्रकाशित किया जायेगा. (refer clause 14 of the advertisement.)

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नयी लिस्ट में भी हो सकती है गड़बड़ी

उम्मीदवारों के अंक जब सार्वजनिक हो चुके हैं, आयोग की गोपनीयता भंग हो चुकी है, ऐसे में अब जो भी नये लोग इसमें इंटरव्यू देंगे उन्हें और इंटरव्यू लेने वाले दोनों ही को सभी लोगों के मार्क्स पता होंगे. साथ ही यह आकलन करना भी आसान होगा की इंटरव्यू में कितने अंक लाकर वे सफल हो सकते हैं. इसमें गोपनीयता निश्चित रूप से भंग हो रही है. नयी लिस्ट में भी गड़बड़ी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.

क्या कहते हैं आंदोलन करने वाले उम्मीदवार

6th JPSC : पब्लिक डोमेन में है उम्मीदवारों के मार्क्स, ऐसे में नयी मेरिट लिस्ट बनाना आसान नहींलंबे समय से संघर्ष कर रहे जेपीएससी अभ्यार्थी अनिल पन्ना का कहना कि अब आयोग की गोपनीयता भंग हो चुकी है. पब्लिक डोमिन में मुख्य परीक्षा का मार्क्स और इंटरव्यू का मार्क्स प्रदर्शित हो चुका है. ऐसे में नया मेरिट रिजल्ट जारी करना आयोग के लिए बिल्कुल संभव नहीं होगा. उन्होंने कहा कि आयोग या सरकार को पूरी प्रक्रिया रद्द कर अधियाचना वापस ले लेनी चाहिए.

वहीं जेपीएससी अभ्यर्थी राज कुमार मिंज का कहना है कि सभी अभ्यर्थियों का अंक सार्वजनिक हो गया है. गोपनीयता भंग हो चुकी है. इसलिए अब संशोधित रिजल्ट जारी करना संभव नहीं होगा. ऐसा करने से आयोग की गोपनीयता पर सवाल उठेगा. झारखंड सरकार को अब इस फैसले के बाद पूरा छठी जेपीएससी को रद्द कर पुनः विज्ञापन निकाल कर परीक्षा लेने चाहिए.

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