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6 th JPSC : सरकार के पक्ष के बाद भी आयोग के लिए आसान नहीं नयी मेरिट लिस्ट

Ranchi : उच्च न्यायालय ने झारखंड लोकसेवा आयोग को छठी जेपीएससी परीक्षा से चयनित 326 उम्मीदवारों की नियुक्ति को रद्द करते हुए नयी मेरिट लिस्ट बनाने को कहा. इसके लिए आठ हफ्ते का समय दिया. आठ हफ्ते की मियाद पांच अगस्त को पूरी हो रही है. इसी बीच महाधिवक्ता ने सरकार को उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने की राय दी है.

लेकिन उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार झारखंड लोकसेवा आयोग के लिए नयी मेरिट लिस्ट जारी करना संभव नहीं है. छठी जेपीएससी को लेकर संघर्ष कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि यह आसान नहीं है. आयोग ने जिस तरह से रिजल्ट प्रकाशन में मनमानी की है, उसने नयी मेरिट लिस्ट के रास्ते ही बंद कर रखे हैं. वहीं लोकसेवा परीक्षाओं की जानकारी रखने वाले और उच्च न्यायालय में उम्मीदवारों का पक्ष रख रहे अधिवक्ताओं, उम्मीदवारों के अनुसार आयोग को इसपर विचार करना होगा.

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क्यों जारी नहीं हो सकती नयी मेरिट लिस्ट

इसे इस उदाहरण से समझा जा सकता है कि कोई भी अभ्यर्थी सभी विषयों में पास है. लेकिन कटऑफ मार्क से, 1 नम्बर कम रहा होगा तो उसका चयन इंटरव्यू के लिए नहीं होगा. वहीं दूसरी ओर ऐसे अभ्यर्थी होंगे जो एक या दो विषय में फेल होंगे, लेकिन कुल अंक कटऑफ से ऊपर है तो उसका चयन हो गया होगा. ऐसे में मेरिट बनाना असंभव हो जायेगा.

मेरिट लिस्ट बनाने के लिए सबसे पहले मेरिट लिस्ट रद्द करना होगा. इसके बाद मेन्स परीक्षा से उन अभ्यर्थियों की सूची छांटी जायेगी जिन्होंने अपने-अपने वर्ग के अनुसार सभी विषयों (हिन्दी-इंग्लिश सहित) में minimum qualifying marks प्राप्त किया है. फिर उनके मार्कशीट में पेपर 1 को छोड़कर बाकी सभी विषयों के कुल प्राप्तांक जोड़े जायेंगे. फिर नये रूप से मेन्स की मेधा सूची बनेगी. (refer clause 14 of the advertisement.). फिर जो लोग पहले इंटरव्यू नहीं दिये हुए हैं, उनका इंटरव्यू लिया जायेगा. अन्ततः मेन्स प्लस इंटरव्यू के आधार पर नया मेधा क्रम बनाया/प्रकाशित किया जायेगा. (refer clause 14 of the advertisement.).

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इसके अतिरिक्त उम्मीदवारों के अंक जब सार्वजनिक हो चुके हैं, आयोग की गोपनीयता भंग हो चुकी है, ऐसे में अब जो भी नये लोग इसमें इंटरव्यू देंगे उन्हें और इंटरव्यू लेने वाले दोनों ही को सभी लोगों के मार्क्स पता होंगे. साथ ही यह आकलन करना भी आसान होगा की इंटरव्यू में कितने अंक लाकर वे सफल हो सकते हैं. इसमें गोपनीयता निश्चित रूप से भंग हो रही है. नयी लिस्ट में भी गड़बड़ी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.

क्या हो सकता है विकल्प

संघर्ष कर रहे उम्मीदवारों अनिल पन्ना, राजकुमार मिंज और एक्सपर्ट्स के मुताबिक आयोग को नयी मेरिट लिस्ट के लिए प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के आधार पर फिर से मुख्य परीक्षा लेनी होगी. इसके बाद जो मुख्य परीक्षा का परिणाम आयेगा. उसके आधार पर फिर से उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेकर मेरिट लिस्ट जारी करना होगा.
इस विकल्प के संभव न हो पाने की स्थिति में झारखंड लोकसेवा आयोग को पूरी चयन प्रक्रिया को ही रद्द करना होगा. उच्च न्यायालय ने भी कहा है कि आयोग को विज्ञापन के नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी है.

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