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अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव समेत टॉप लेवल के 661 अफसर, फिर भी 4450 फाइल पेंडिंग

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  • सात अपर मुख्य सचिव, तीन प्रधान व 28 सचिव व विशेष सचिव रैंक के हैं अफसर
  • राज्य सेवा में विशेष, अपर,संयुक्त, उपसचिव रैंक के हैं 461 अफसर
    सचिवालय सेवा में भी हैं अवर सचिव, संयुक्त सचिव और उपसचिव रैंक के हैं 170 अफसर
  • अनुकंपा पर नौकरी, मुआवजा, जमीन अधिग्रहण, जमीन विवाद, फसल बीमा, निलंबन वापस लेने, प्रोन्नति के हैं अधिकांश लंबित मामले

Ranchi: राज्य सचिवालय में फाइल निष्पादन की गति धीमी पड़ गई है. पिछले चार माह से सभी विभागों में लगभग 4450 फाइलों का निष्पादन नहीं हो पाया है. इसमें राज्य सचिवालय स्तर के 1950 और जिला स्तर के 2500 मामलें लंबित है. इसमें से अधिक मामले मुआवजा, पेंशन, अनुकंपा पर नौकरी और जमीन अधिग्रहण से जुड़े हुए हैं. कई फाइलें फसल बीमा, चिकित्सीय सहायता और नगर विकास से जुड़े हुए हैं. जिलों के अधिकांश मामले जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और मुआवजा से जुड़े हैं. सभी फाइलें राज्य सचिवालय में धूल फांक रही हैं.

सचिवालय में टॉप लेवल के हैं 661 अफसर

सचिवालय में टॉप लेवल के 661 अफसर कार्यरत हैं. इसमें आइएएस संवर्ग के सात अपर मुख्य सचिव, तीन प्रधान व 28 सचिव व विशेष सचिव रैंक के अफसर विभिन्न विभागों में तैनात हैं. वहीं राज्य प्रशासनिक सेवा के 461 अफसर राज्य सचिवालय में कार्यरत हैं, जिसमें विशेष सचिव, अपर सचिव, संयुक्त सचिव और उपसचिव रैंक के अफसर हैं. वहीं सचिवालय सेवा के 108 अवर सचिव, 21 संयुक्त सचिव और 51 उपसचिव रैंक के अफसर विभिन्न विभागों में तैनात हैं. फिर भी फाइल मूवमेंट काफी धीमी है.

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किस विभाग में कितने मामले हैं लंबित

सरकार के प्रमुख 33 विभागों में सबसे अधिक 300 मामले स्वास्थ्य विभाग में लंबित हैं. इसमें आयुष्मान योजना से लेकर गंभीर बीमारी तक के आवेदन लंबित हैं. इसके अलावा कृषि, पशुपालन व सहकारिकता विभाग में 200, मंत्रिमंडल सचिवालय में 25, ऊर्जा विभाग में 250, खाद्य आपूर्ति में 100, उच्च शिक्षा व कौशल विकास विभाग में 265, श्रम विभाग में 300, उद्योग व खान में 80, परिवहन वनागर विमानन में 200, जलसंसाधन में 54, पेयजल व स्वच्छता विभाग में 103, महिला बाल कल्याण में 150, भवन निर्माण में 65, वन एवं पर्यावरण विभाग में 100, गृह कारा आपदा में 90 और कार्मिक विभाग में 150 मामले लंबित हैं. इसके अलावा सभी जिलों के लगभग 2500 मामले लंबित हैं. ये मामले भी संबंधित विभागों को राज्य सचिवालय में निष्पादन के लिये भेजे गये हैं.

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