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सीएम की 113 घोषणाओं पर खर्च होने हैं 64389 करोड़

  • सामान्य क्षेत्र- 23377 करोड़, सामाजिक क्षेत्र- 28882 करोड़ और आर्थिक क्षेत्र- 33170 करोड़ चाहिए
  • केंद्रीय सहायता- 13833.80 करोड़

Akshay/Ravi

Ranchi: बाकी है 150 दिन और पूरी करनी है 113 घोषणाएं. रघुवर सरकार की इन घोषणाओं में से जो सामान्य क्षेत्र की घोषणाएं हैं, उनपर 23,377 करोड़ खर्च होने हैं.

सामाजिक क्षेत्र की घोषणाओं पर 28,882 करोड़ रुपए खर्च होने हैं और आर्थिक क्षेत्र की घोषणाओं पर 33,170 करोड़ खर्च होने हैं.

यानी इन योजनाओं को पूरा करने में करीब 64,389 करोड़ की जरूरत है. अब ऐसे में भला अधिकारी चाह कर भी क्या कर लेंगे. उन्हें सरकार की तरफ से एक ही टास्क दिया गया है, वो है पब्लिक के बीच यह इमेज बनाना कि सरकार ने सारे वादे और दावे पूरे कर लिये. लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है.

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जानते हैं उन सभी घोषणाओं के स्टेट्स जिसे पूरा करने में लगा है सारा सिस्टम-

ब्यूरोक्रेट्स के लिए बड़ी चुनौती

योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद भी सीएम रघुवर दास की 113 घोषणाओं को पूरा करना ब्यूरोक्रेसी के लिये बड़ी चुनौती बन गई है. अधिकांश योजनाओं पर काम शुरू नहीं हो पाया है.

जिसमें काम शुरू हुआ है, उसकी भी चाल कछुए वाली है. अधिकांश योजनाएं कागजों पर ही अबतक सिमटी हुई है. लोकसभा चुनाव के कारण योजनाओं के कार्यान्वयन में ब्रेक लग गया है.

ब्यूरोक्रेसी ने भी स्वीकार किया है कि आचार संहिता लागू होने के कारण काम बाधित हो रहा है. अफसरों को निर्देश दिया गया है कि आचार संहिता खत्म होते ही योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाये.

इस बाबत सीएस ने मंगलवार को एक हाईप्रोफाइल बैठक बुलायी थी. सभी विभाग के सचिवों को एक टारगेट दे दिया गया है. किसी भी हाल में विधानसभा चुनाव से पहले काम पूरा करना है. नवंबर के अंत और दिसंबर में राज्य में विधानसभा चुनाव होना है.

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अक्तूबर के अंत तक फिर आचार संहिता लागू हो जायेगी. ऐसे में योजनाओं के कार्यान्वयन के लिये लगभग पांच महीने का ही समय बचता है.

ऐसे में मेडिकल कॉलेज का निर्माण, पावर प्लांट के बिजली उत्पादन, ग्रिड सब स्टेशन का निर्माण, मछुआ आवास निर्माण, किफायती घरों का निर्माण पूरा करना बड़ी चुनौती बन गई है.

घोषणाओं का स्टेट्स

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत राज्य के किसानों को 5,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि: किसानों को नहीं मिल पायी है सहायता राशि

मौसम की सही जानकारी देने के लिए ई-नैम पर पंजीकृत राज्य के किसानों को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराना: स्मार्ट फोन अब तक नहीं बंटा.

महाराष्ट्र के तर्ज पर सुजलां-सुफलां नामक नई योजना लागू करने का निर्णय: योजना की शुरूआत नहीं हुई.

किसानों को कृषि, डेयरी पशुपालन एवं मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीक से रू-ब-रू कराने के लिए इजरायल भेजा जायेगा: किसानों को इजरायल भेजा गया.

100 प्रखंडों में कोल्ड रूम के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है: अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है.

300 कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों की स्थापना वित्तीय वर्ष 2019-20 में करने का लक्ष्य: केंद्रों की स्थापना नहीं हुई.

वित्तीय वर्ष 2019-20 में 2100 मछुआरा परिवारों को पक्का आवास की सुविधा देना: निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं हुई.

सुखाड़ग्रस्त जिले पलामू और गढ़वा में सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य: योजना जमीं पर नहीं उतरी, सिर्फ उद्घाटन हुआ.

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दुर्गम क्षेत्रों में वित्तीय वर्ष 2019-20 में 1,50,000 घरों के निर्माण: निर्माण कार्य शुरू नहीं हुई.

वित्तीय वर्ष 2019-20 में मुख्यमंत्री आजीविका संवर्द्धन योजना के नाम से नई योजना चलाने का निर्णय: प्रक्रिया शुरू नहीं हुई.

वित्तीय वर्ष 2019-20 में गोड्डा में नये सैनिक स्कूल की स्थापना की जायेगी: सिर्फ प्रशासनिक स्वीकृति, निर्माण कार्य शुरू नहीं.

मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी उच्च शिक्षा प्रोत्साहन शुरू किया जायेगा. साक्षर झारखंड अभियान शुरू किया जायेगा: योजना धरातल पर पूरी तरह से नहीं उतरी.

सभी यूनिवर्सिटी में इनोवेशन कम स्टार्टअप सेंटर की स्थापना की जायेगी: अब तक स्थापना नहीं हुई.

बड़कागांव, मांडू, सिमरिया, लिट्टीपाड़ा, पांकी, विश्रामपुर और जुगसलाई में एक-एक डिग्री कॉलेज और बालूमाथ और चंदनक्यारी में भी एक-एक डिग्री कॉलेज खोला जायेगा: अब तक निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं.

गोड्डा और बोकारो में नये प्रोफेशनल कॉलेज की स्थापना: निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं.

जयनगर, चाईबासा, खूंटी और पतरातू में पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना की जायेगी: निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं.

देवघर एम्स में 2019-20 से नामांकन शुरू होगा: नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं.

कोडरमा और चाईबासा में मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू होगा: निर्माण शुरू नहीं.

रिनपास परिसर में कैंसर हॉस्पिटल 2019 के अंत तक शुरू करने का लक्ष्यः अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं.

प्रसाद योजना के तहत देवघर के विकास के लिए 45 करोड़ का प्रस्तावः योजना पर काम शुरू नहीं.

रांची, गुमला और खूंटी में एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम का निर्माण: निर्माण पूरा नहीं.

आवासीय क्रीड़ा प्रशिक्षण केंद्रों में छात्रावास का निर्माण: निर्माण प्रक्रिया पूरी नहीं.

स्वजल योजना के तहत 1000 टोलों में जलापूर्ति: अब तक पानी नहीं पहुंचा.

3000 किलोमीटर पथ निर्माण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पहले बनी सड़कों को सुदृढ़ करने का लक्ष्य: धीमी गति से चल रहा निर्माण कार्य.

2019-20 तक पतरातू में पावर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य: अब 2020 में उत्पादन शुरू करने की बात.

3.5 बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य: अब तक नहीं लग पाया स्मार्ट मीटर.

साबेहगंज,पाकुड़, गोड्डा और गुमला में नये ग्रिड सब स्टेशन निर्माण का लक्ष्य: निर्माण कार्य पूरा नहीं.

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